सवारी ढोने वाली बाइकों से मानव तस्करी का मामला प्रकाश में आने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां खासी सतर्क हो गई हैं। नेपाल से बाइकों पर नेपाली युवतियों को नेपाल स्थित झुलंगे पुल के रास्ते बनबसा के गढ़ीगोठ से भारत में प्रवेश कराया जाता है। मानव तस्करी में नेपाली दलालों के साथ ही भारतीय दलाल भी शामिल हैं। भारत नेपाल के बीच अवैध रूप से सवारी ढोने वाली बाइकें दोनों देशों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकती हैं।
बता दें कि सोमवार को नेपाल पुलिस ने आठ नेपाली युवतियों को गलत हाथों में पड़ने से बचा लिया था। नेपाल पुलिस के इंस्पेक्टर वीर बहादुर पंत ने के मुताबिक नेपाली युवतियों को दलालों द्वारा नेपाल से बाइकों पर झुलंगे पुल तक पहुंचाया गया था। युवतियों ने बताया कि दलाल उन्हें यूएई में काम दिलवाने की बात कह चांदनी दोधारा के रास्ते दिल्ली ले जाने वाले थे, जहां से उन्हें यूएई भेजा जाना था। मिली जानकारी के अनुसार कुछ नेपाली और भारतीय दलालों ने बनबसा गढ़ीगोठ से लगने वाली नेपाली सीमा स्थित झुलंगे पुल के निकट एक मकान किराए पर लिया हुआ है।
जिसमें वे नेपाली युवतियों को टिकाते हैं। वहीं से मौका पाकर गढ़ीगोठ, चकरपुर, नगरा तराई, मेलाघाट, बाबाथान के रास्ते भारत प्रवेश कराया जाता है। बता दें कि एक माह पूर्व एक स्पेन निवासी जिसका वीजा समाप्त हो गया था को भी बाइक चालक ही नगरा तराई तक पहुंचा आया था। बताते हैं कि भारत नेपाल के बीच सवारी ढोने वाली बाइकें दोनों देशों की सुरक्षा के लिए खतरा भी सकती हैं। सुरक्षा के लिहाज से भारत नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों को इस मामले में सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन को भी सवारी ढोने वाली बाइकों पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है। एसएसबी 57 वीं वाहनी के कमांडेंट संजीव तिवारी ने बताया कि सीमा पर निगरानी और पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। मानव तस्करी पर पहले से ही नियंत्रण के निर्देश हैं। डी कंपनी को सीमा पर आवाजाही करने वालों की सघन तलाशी और पूछताछ को कहा गया है।