लोहाघाट (चंपावत)। लोहाघाट विकासखंड के नेपाल सीमा से लगे शाखा डाकघर निडिल के शाखा डाकपाल पर सरकारी धन के गबन का मामला सामने आया है। लोहाघाट के डाकघर निरीक्षक ने पंचेश्वर कोतवाली में आरोपी डाकपाल के खिलाफ तहरीर दी है। अलबत्ता पुलिस ने अभी मुकदमा दर्ज नहीं किया है, लेकिन विभागीय पूछताछ में आरोपी ने गलती कबूली हैै।
डाक निरीक्षक ब्रजमोहन सिंह ऐरी ने बताया कि शाखा डाकघर निडिल के डाकपाल ने 11 दिसंबर को कैश बैग भेजा। इसमें खातेदारों की जमा रकम थी। यह बैग सील तो था, लेकिन मुख्य बैग और उसके भीतर का कैश बैग कई जगह से फटा था। इस बैग में आरोपी डाकपाल द्वारा रुपये भेजने के साथ संलग्न दैनिक लेखे में भी 3.50 लाख रुपये भेजे जाने का विवरण दर्ज किया गया था, लेकिन यह रकम कार्यालय को प्राप्त नहीं हुई।
इसकी सूचना उप डाकपाल दीपक सिंह तड़ागी ने डाक निरीक्षक को दी।
मामला संज्ञान में आने पपर डाक निरीक्षक अपने डाक अन्वेक्षक जोत राम और रमेश नाथ को साथ लेकर शाखा डाकघर निडिल पहुंचे। डाकघर में उपलब्ध दस्तावेजों की जांच और गहन पूछताछ में आरोपी ने अपने अपराध को कबूल लिया। विभागीय अधिकारियों को दिए गए बयान में आरोपी ने कहा कि उसने कैश बैग को ब्लेड से काटकर रुपये चुरा लिए थे।
डाक निरीक्षक का कहना है कि आरोपी ने उक्त रकम में से अधिकतर खर्च कर दी है और शेष 1.28 लाख रुपये उप डाकघर लोहाघाट में जमा करवा दिए हैं। आरोपी के खिलाफ 15 दिसंबर को पंचेश्वर कोतवाली में तहरीर दी गई है। पंचेश्वर कोतवाली के प्रभारी डीएल वर्मा का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
सील तोड़ने से पहले कटे हिस्से में पड़ गई नजर
उप डाकघर लोहाघाट कर्मियों की सूझबूझ ने उन्हें बड़ी मुसीबत से बचा लिया। आरोपी डाकपाल ने बड़ी ही सफाई के साथ कटा हुआ बीओ बैग और कैश बैग भेजा था। डाक कर्मियों की नजर कैश बैग की सील को तोड़ने से पहले कटे हुए हिस्से पर पड़ गई।
कर्मियों ने जब कटे हुए हिस्से से बैग खंगाला तो उनके होश उड़ गए। कैश बैग में एक भी रुपया नहीं था, जबकि बैग में 3.50 लाख रुपये भेजे जाने की सूचना लिखी थी। यदि गलती से कैश बैग की सील को लोहाघाट डाक कर्मियों ने तोड़ दिया होता तो वे बड़ी मुसीबत में पड़ सकते थे।