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:लि पंचायत सदस्य पत्नी ने पांच साल तक एक साथ दो-दो पदों पर किया काम

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चंपावत।
जिला पंचायत सदस्य पुष्कर सिंह बोहरा की पत्नी प्रीति बोहरा पर करीब पांच साल तक एक साथ दो पदों (चौड़ला में साक्षरता प्रेरक और ढुंगाबोहरा में मिनी आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यकर्ता) पर काम करने के आरोप की पुष्टि हुई है। शासन के निर्देश पर डीएम डा.अहमद इकबाल द्वारा मामले की जांच के आदेश दिए गए थे। जांच अधिकारी चंपावत की उप जिला मजिस्ट्रेट सीमा विश्वकर्मा ने जांच के बाद प्राथमिकी करने की संस्तुति की है। इस मामले में आरोपी महिला कर्मी, जिला पंचायत सदस्य, प्रधानाध्यापक पीतांबर दत्त भट्ट और तत्कालीन बाल विकास सुपरवाइजर के खिलाफ एफआईआर की संस्तुति की गई है। शनिवार को सीडीओ एसएस बिष्ट ने जांच रिपोर्ट की सिफारिश के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश शिक्षा और बाल विकास विभाग के अधिकारी को दिए हैं।

एसडीएम के मुताबिक लोहाघाट विकासखंड के चौडला ग्राम पंचायत की प्रीति बोहरा ने 2010 से 2015 के दौरान एक साथ दो जगह पर काम किया। जांच रिपोर्ट में कहा गया है महिला कर्मी ने चौड़ला ग्राम पंचायत के मिनी आंगनबाड़ी केंद्र ढुंगाबोहरा और इसी ग्राम पंचायत के चौड़ला लोक साक्षरता केंद्र में प्रेरक के रूप में काम किया। एसडीएम का कहना है कि ग्राम प्रधान के रूप में चयन प्रक्रिया का हिस्सा होने के चलते पुष्कर सिंह बोहरा के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है। आरोपों की पुष्टि होने के बाद एसडीएम ने महिला कर्मी, तत्कालीन प्रधान एवं मौजूदा जिला पंचायत सदस्य पुष्कर सिंह बोहरा, स्कूल के प्रधानाध्यापक पीतांबर दत्त, तत्कालीन बाल विकास सुपरवाइजर के खिलाफ एफआईआर की संस्तुति करते हुए जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी। डीएम ने जांच रिपोर्ट सीडीओ को भेजी और शनिवार को सीडीओ ने शिक्षाधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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गड़बड़ी नहीं की
आरोपी कर्मी के पति एवं तत्कालीन ग्राम प्रधान और मौजूदा जिला पंचायत सदस्य पुष्कर सिंह बोहरा का कहना है कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया। राजनीति के कारण मुद्दा बनाकर छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि मिनी आंगनबाड़ी केंद्र के लिए 2007 से 2010 तक तीन बार विज्ञप्ति निकाले जाने पर कोई आवेदक नहीं आने पर प्रीति बोहरा ने आवेदन किया। 2013 में आंगनबाड़ी का नया आवेदक आने पर उन्होंने कार्यकर्ता का पद छोड़ दिया था।
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