पुलिस अभिरक्षा में न हो किसी भी आरोपी की मौत
पुलिस महानिरीक्षक ने जवानों और अधिकारियों की समस्याएं सुनी
सभी थानाध्यक्षों से ली बैरकों की स्थिति की जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंपावत।
पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) पूरन सिंह रावत ने कहा है कि पुलिस अभिरक्षा में किसी भी आरोपी की मौत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जनता का भरोसा जीतने के लिए मित्रवत व्यवहार किए जाने की जरूरत पर जोर दिया। पुलिस अधिकारियों और जवानों को मुस्तैदी के साथ काम करने की नसीहत भी दी।
पुलिस लाइन में आयोजित सम्मेलन में आईजी रावत ने जवानों और अधिकारियों की समस्याएं सुनी। लंबे समय से एक ही जगह पर तैनात कई जवानों और अधिकारियों ने तबादला करने की गुहार लगाई। जिस पर आईजी ने शीघ्र निर्णय लेने की बात कही। उन्होंने पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल और जिले के सभी थानाध्यक्षों से बैरकों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बैरक में बिजली और पानी की व्यवस्था सुचारु करने के निर्देश दिए।
नेपाल सीमा को लेकर उन्होंने पुलिस अधीक्षक को विशेष सर्तकता बरतने के निर्देश दिए। सभी वैध और अवैध रास्तों पर विशेष नजर रखने को कहा। उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) के साथ समन्वय बना कर नेपाल सीमा की निगहबानी करने की बात कही। बाद में पुलिस क्षेत्राधिकारी पीएस कफलिया और पंचेश्वर थाने में तैनात हेड कांस्टेबल देवीदत्त पांडेय को सेवानिवृत्त होने पर विदाई दी गई।
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पुलिस कर्मियों को किया गया सम्मानित
चंपावत। बीते सप्ताह शेर की खाल पकड़ने वाली पुलिस टीम को आईजी रावत ने सम्मानित किया। सम्मेलन के दौरान उन्होंने पाटी के थानाध्यक्ष प्रेम विश्वकर्मा, कांस्टेबल इंद्र सिंह और सद्दाम हुसैन को प्रशस्ति पत्र देने के साथ ही 2500 रुपये का नगद पुरस्कार दिया। इसके अलावा सराहनीय कार्य करने वाले पुलिस के जवान भैरव दत्त जोशी को शॉल ओढ़ा कर सम्मानित भी किया गया।