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बोनस का झांसा देकर खाते से 8999 रुपये निकाले

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लोहाघाट (चंपावत)।
साइबर अपराधियों ने झांसे में लेकर बाराकोट विकासखंड की एक आशा कार्यकर्ता के बैंक खाते से 8999 रुपये निकाल लिए। बैंक खाते से रुपये निकलने की जानकारी मिलने पर आशा कार्यकर्ता सकते में आ गई। आशा कार्यकर्ता के पति ने इसकी सूचना पुलिस को दी है।

बाराकोट की आशा कार्यकर्ता दीपा देवी ने बताया कि मंगलवार शाम करीब चार बजे मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को देहरादून का मुख्य चिकित्साधिकारी बताते हुए सरकार की ओर से उनके बैंक खाते में छठ पूजा के लिए बोनस की धनराशि डालने का लालच दिया। कहा कि इसके लिए उनके आधार और एटीएम के पिन नंबर की आवश्यकता है। साइबर अपराधियों के झांसे में आकर दीपा ने आधार और एटीएम का पिन नंबर बता दिया। इसके कुछ ही देर बाद उसके मोबाइल में एक के बाद एक दो संदेश आए।
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जिनमें उसके एसबीआई बाराकोट के खाते में से 4000 और 4999 रुपये निकालने की जानकारी मिली। संदेश देखते ही दीपा सकते में आ गई। उसने इसकी जानकारी अपने पति और आसपास के लोगों को दी। दीपा के पति श्याम ने बताया कि साइबर अपराधियाें द्वारा अब भी बार-बार उनकी पत्नी के मोबाइल पर फोन आ रहे हैं। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी है। थानाध्यक्ष हेमंत कठैत कहा कि बैंक द्वारा किसी भी व्यक्ति से उसका खाता नंबर, आधार नंबर और एटीएम पिन नंबर नहीं पूछा जाता है। इसलिए इसे सार्वजनिक न किया जाए।

पिन नंबर याद न होने पर बच गई रकम
बाराकोट विकासखंड के ही बिसराड़ी गांव की एक अन्य आशा कार्यकर्ता दीपा को अपना एटीएम कार्ड का पिन नंबर मालूम नहीं होने के चलते वह साइबर अपराधियों के झांसे में आने से बच गई। दीपा को भी मंगलवार को साइबर अपराधियों ने फोन किया था। साइबर अपराधियों ने उसे भी अपने को सीएमओ देहरादून बताकर उसके खाते में छठ पूजा के बोनस की 16 हजार रुपये की राशि डालने की बात कहकर उसका आधार नंबर और एटीएम का पिन नंबर पूछा।
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दीपा ने साइबर अपराधियों की बात का विश्वास करते हुए आधार कार्ड नंबर तो दे दिया, लेकिन एटीएम पिन नंबर पता नहीं होने के कारण थोड़ी देर बाद बताने की बात कही। इसी दौरान उसने गांव के अन्य लोगों से आए फोन की जानकारी दी। कुछ जानकार ग्रामीणों को दीपा ने बताया कि साइबर अपराधियों ने उसे फोन किया है, इस पर उन्होंने दीपा को किसी अनजान को अपना एटीएम पिन नंबर बताने से मना कर दिया। जिसके बाद दोबारा फोन आने पर दीपा ने पिन नंबर नहीं बताया।
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