बनबसा (चंपावत)। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने राजस्थान से भागकर आई एक युवती को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। युवती अपने प्रेमी (नेपाली युवक) की तलाश में नेपाल जाने को बनबसा पहुंची थी। जहां उसे एएचटीयू कर्मियों ने पकड़ लिया।
24 फरवरी को एएचटीयू कर्मी मानव तस्करी और ऑपरेशन स्माइल के तहत भारत-नेपाल सीमा स्थित अपनी जांच चौकी पर चेकिंग अभियान पर थे। इसी बीच एक युवती को संदिग्धावस्था में नेपाल की ओर जाते हुए रोका गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह अलवर राजस्थान की रहने वाली है और अलवर में काम करने वाले एक नेपाली युवक से प्रेम करती है। अपने प्रेमी की तलाश में वह उसके घर जाने को यहां पहुंची।
एएचटीयू कर्मियों ने युवती को रीड्स संस्था के उज्ज्वला पुनर्वास केंद्र में रखने के बाद उसके घर पर फोन से संपर्क किया। परिजनों ने बताया कि उनकी पुत्री पिछले एक माह से घर से लापता है। काफी तलाशने के बाद उन्होंने अपने पुत्री की गुमशुदगी अलवर के टुपकेड़ा थाने में दर्ज कराई है।
एएचटीयू प्रभारी एसआई मंजू पांडेय ने बताया कि बीते दिवस अलवर के टुपकेड़ा थाने के अभियोजन अधिकारी एसआई विजय कुमार युवती के परिजनों के साथ यहां पहुंचे। एएचटीयू कमियों ने युवती को राजस्थान पुलिस की मौजूदगी में उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।