टनकपुर (चंपावत)। भारत-नेपाल सीसी मार्ग निर्माण में बारहमासी सड़क के डंपिंग जोन से लाए जा रहे आरबीएम की बाजार में धड़ल्ले से बिक्री कर डंपर स्वामियों द्वारा वारे-न्यारे किए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को एसडीएम अनिल गर्ब्याल ने निर्माणाधीन सीसी मार्ग की जगह अन्य लोगों को आरबीएम बेचने के मामले का भंडाफोड़ करते हुए इसमें लिप्त दो डंपरों का सीज किया है।
1991 में हुई संधि के तहत टनकपुर बैराज से नेपाल के लिए करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत से सीसी मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए प्रशासन ने कार्यदायी विभाग पीआईयू के माध्यम से कार्यदायी ठेकेदार एजेंसी को बारहमासी सड़क के डंपिंग जोन में डंप पहाड़ी कटिंग से निकला आरबीएस स्वीकृत किया है।
इसके लिए ठेकेदार कंपनी ने बकायदा रायल्टी जमा की है, लेकिन बारहमासी सड़क का आरबीएम निर्माणाधीन भारत-नेपाल सीमा मार्ग पर न डालकर कई डंपर स्वामी बाजार में बेचकर सरकार को राजस्व का चूना लगा रहे हैं। इसकी शिकायत मिलने पर बृहस्पतिवार को एसडीएम ने विचई गांव में छापा मारकर दो डंपरों को बारहमासी सड़क का आरबीएम बेचते रंगे हाथ पकड़ा। एसडीएम ने बताया कि दोनों डंपरों को सीज कर पुलिस के सुपुर्द किया गया है। उन्होंने बताया कि मौके पर डंप मिले आरबीएम की जांच कर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।