चंपावत-टनकपुर एनएच में सूखीढांग के समीप आए मलबे को हटाती जेसीबी।
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चंपावत। बारिश के कारण सूखीढांग के पास चट्टान दरक गई। इस कारण मलबा आने से टनकपुर-चंपावत राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) करीब तीन घंटे तक यातायात के लिए बंद रहा। सूखीढांग के अलावा स्वांला और धौन में भी मलबा आने से एनएच कई बार बाधित रहा।
जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार सूखीढांग के पास चट्टान दरकने से एनएच पर भारी मात्रा में मलबा आ गया। इस कारण चंपावत की ओर जाने वाले वाहनों को ककराली गेट पर ही रोक लिया गया। पिथौरागढ़ जाने वाले यात्री भी तीन घंटे तक टनकपुर में ही फंसे रहे।
एनएच पर मलबा सुबह करीब चार बजे गिरा जिसे साढ़े सात बजे तक हटाया जा सका। फिलहाल आवाजाही शुरू कर दी गई है लेकिन कई स्थानों पर अब भी बोल्डर गिरने से खतरा बना है। लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को विवश हैं। इसके अलावा मलबा आने से ग्रामीण क्षेत्र की तीन सड़कें बंद हैं जिनमें मंच-नीड़, सूखीढांग-डांडा-मीडार और चमदेवल-गजीना मोटर मार्ग शामिल हैं। कार्यदायी संस्थाओं की ओर से मार्ग से मलबा हटाने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।
मरम्मत के बाद फिर से क्षतिग्रस्त हुई सड़क
चंपावत। जिला मुख्यालय के कलक्ट्रेट रोड स्थित टैक्सी स्टैंड के पास एक पखवाड़े पहले ठीक की गई सड़क फिर से क्षतिग्रस्त हो गई है। अक्तूबर में आई आपदा के दौरान टैक्सी स्टैंड के पास सड़क की दीवार भूस्खलन की भेंट चढ़ गई थी जिसे दैवीय आपदा के तहत एक पखवाड़े पहले ही ठीक किया गया था। संवाद
भूस्खलन की जद में आया डिग्री कॉलेज भवन
चंपावत। जिला मुख्यालय का राजकीय महाविद्यालय भवन भी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से खतरे की जद में आ गया है। महाविद्यालय के मुख्य प्रशासनिक भवन और कार्यालय के आगे आंगन की दीवार भूस्खलन की भेंट चढ़ गई है। इससे महाविद्यालय के भवन को खतरा पैदा हो गया है। संवाद
कहां कितनी हुई बारिश
चंपावत-08 एमएम
लोहाघाट-01 एमएम
बनबसा-83 एमएम