चंपावत कलेक्ट्रेट मार्ग पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष को कलेक्ट्रेट जाने से रोकते पुलिस कर्मी।
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चंपावत में मनरेगा का मूल नाम बदलने के विरोध में धरना देने कलक्ट्रेट जा रहे कांग्रेसियों और पुलिस कर्मियों के बीच नोकझोंक हुई। कई देर तक हंगामा चलता रहा। पुलिस को कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जागो रे जागो सरकार रे जागो रे नारे लगाकर प्रदर्शन भी किया।
सोमवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष चिराग फर्त्याल और पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने वीबी-जी राम जी के विरोध में धरना देने कलक्ट्रेट परिसर जा रहे थे। इस दौरान कलक्ट्रेट रोड तिराहे पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। इससे नाराज कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए।
पूर्व विधायक हेमेश ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने का अधिकार सबको है लेकिन भाजपा सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष चिराग ने कहा कि यह आंदोलन अहिंसा, संवैधानिक मूल्यों और काम करने के अधिकार की रक्षा के लिए किया जा रहा है। भाजपा सरकार मनरेगा को कमजोर कर रही है। सरकार जहां मजदूरों को 125 दिन रोजगार देने की बात करती है वहीं जमीनी हकीकत यह है कि मजदूरों को 100 दिन का रोजगार भी नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही मनरेगा के बजट में कटौती की गई है। इससे गरीब और ग्रामीण मजदूरों पर सीधा असर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि आंदोलन जिला स्तर तक सीमित नहीं रहेगा आने वाले दिनों में कांग्रेस विधानसभा घेराव की तैयारी करेगी। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने और वीबी-जी राम जी विधेयक को वापस लेने की मांग की। सूचना पर मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर अनुराग आर्या को ज्ञापन सौंपा। धरना-प्रदर्शन में खीम सिंह, लोकेश पांडे, विमल पांडे, जीवन सिंह, अभिषेक तड़ागी, नीरज वर्मा, संजय सिंह, उमेश शर्मा, निर्मला गहतोड़ी, नन्नू, मनीष महर, दीपक सिंह, दिग्विजय कार्की, प्रकाश बोहरा आदि रहे।