टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के अलावा राज्य राजमार्ग और अन्य आंतरिक मार्गों पर गड्ढों की वजह से आवाजाही मुश्किल भरी हो गई है। लोहाघाट से टनकपुर के बीच एनएच पर 89 किमी में ही 15 से अधिक स्थानों पर गड्ढों और खस्ताहाल सड़क पर लोग आवाजाही करने को मजबूर हैं।
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग सहित विभिन्न सड़कों के गड्ढों और बदहाली को लेकर कांग्रेस पहली बार मुखर हुई है। पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बुधवार को चंपावत में एनएच किनारे ढाई घंटे तक धरना दिया। एनएच खंड के ईई ने गड्ढों को पांच नवंबर तक भरने का पूर्व विधायक को फोन पर आश्वासन दिया जिसके बाद धरना स्थगित हुआ।
विज्ञापन
पूर्व विधायक खर्कवाल ने कहा कि खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गड्ढों को भरने के निर्देश दे चुके हैं लेकिन जर्जर हो चुकी सरकारी मशीनरी उनके निर्देशों की भी अनदेखी कर रही है। गड्ढों की पांच नवंबर तक मरम्मत नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। धरना देने वालों में युकां जिलाध्यक्ष अभिषेक गंगोला, कांग्रेस जिला महामंत्री एडवोकेट निर्मल तड़ागी, नगर अध्यक्ष नीरज वर्मा, एडवोकेट श्याम कार्की, विपिन जोशी, विनोद बड़ेला, जगत सिंह, दान सिंह आदि शामिल थे।
गड्ढों से आवाजाही हुई मुश्किल भरी
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के अलावा राज्य राजमार्ग और अन्य आंतरिक मार्गों पर गड्ढों की वजह से आवाजाही मुश्किल भरी हो गई है। लोहाघाट से टनकपुर के बीच एनएच पर 89 किमी में ही 15 से अधिक स्थानों पर गड्ढों और खस्ताहाल सड़क पर लोग आवाजाही करने को मजबूर हैं। वहीं इससे वाहनों के रखरखाव और ईंधन में खर्च भी बढ़ रहा है।
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर गड्ढों को भरने का काम चल रहा है। अधिकतर स्थानों पर सोलिंग कर दी गई है। पांच नवंबर तक गड्ढों में डामर हो जाएगा। -सुनील कुमार, ईई, एनएच खंड, लोहाघाट।