टनकपुर (चंपावत)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुस्तक मेले में आकर पुस्तकों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि पुस्तकें ज्ञान बढ़ाने में मददगार हैं। पुस्तकें खाली समय में मानव की सच्ची मित्र हैं। उन्होंने पुस्तकें सहेज कर रखने का आह्वान किया। सीएम ने कहा कि ऐसे पुस्तक मेले राज्य में सभी जगहों पर लगाए जाएंगे। उन्होंने टनकपुर में पुस्तकालय खोलने की घोषणा भी की। इससे पूर्व मेले की आयोजन समिति सदस्यों ने मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया।
दो दिवसीय पुस्तक मेले का समापन सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ। कार्यक्रम में साहित्य एवं स्थानीय भाषाओं का शिक्षा में महत्व बताया गया। देवेंद्र ओली ने चंपावत के गौरवशाली इतिहास और भविष्य की संभावनाओं पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। स्थानीय भाषाओं में शिक्षा का महत्व विषय पर चर्चा हुई।
लेखकों से बातचीत, साहित्यिक परिचर्चा समेत स्कूली बच्चों की प्रतियोगिताएं हुईं। सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए। मेले में दूसरे दिन समिति के अध्यक्ष रोहिताश अग्रवाल की अध्यक्षता में दीप्ति भट्ट ने संचालन किया। साहित्य अकादमी सम्मान से सम्मानित देवेंद्र मेवाड़ी, संगीत नाटक अकादमी से सम्मानित रंगकर्मी डॉ. सरस्वती कोहली, प्रो. प्रभात उप्रेती, हेमंत पांडेय, भाषाविद प्रो. दिवा भट्ट, लेखक और शिक्षक देवेंद्र जोशी, उदय किरौला, साहित्यकार मुनेश नौटियाल आदि ने भी मेले का लाभ उठाया।
लेखक कुमार कैलाश, वन्यजीव विशेषज्ञ राजेश भट्ट, डॉ. गिरीश चंद्र शर्मा, पवन पहाड़ी, उमेश पंत, घुघुती जागर टीम के राजेंद्र ढैला, राजेंद्र प्रसाद, चारु तिवारी, हेमंत बिष्ट, महेश पुनेठा आदि ने लोगों का उत्साह बढ़ाया। आयोजन समिति के सदस्यों ने सहयोग किया।