चंपावत। चंपावत जिले में एक सर्किट हाउस ठीक से चल नहीं रहा है लेकिन दूसरा बनाने की कवायद हो रही है। यह सर्किट हाउस जिले के प्रवेशद्वार बनबसा में उप्र सिंचाई विभाग या आईटीबीपी की जमीन पर बनाया जाएगा। इसके लिए जमीन को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है।
जिले का दूसरा सर्किट हाउस बनबसा में बनेगा। लोनिवि के ईई बीसी पंत ने कहा कि फिलहाल दोनों स्थानों के प्रस्ताव लोनिवि के अधीक्षण अभियंता कार्यालय भेजे गए हैं। वन, राजस्व, लोनिवि दोनों विभागों के साथ संयुक्त मुआयना करने के बाद सर्किट हाउस के स्थान को अंतिम रूप दिया जाएगा। जिले के मैदानी क्षेत्र में सर्किट हाउस बनने से मैदानी क्षेत्र टनकपुर और बनबसा में अतिथियों की सुविधा बढ़ने के साथ विकास की संभावना में भी तेजी आएगी।
पहले सर्किट हाउस को नौ साल बाद भी पद सृजित नहीं
चंपावत। चंपावत जिले के पहले सर्किट हाउस को बने नौ साल बीत चुके हैं। ढाई करोड़ की लागत से इस सर्किट हाउस को बनाया गया। सर्किट हाउस के संचालन के लिए अभी तक स्टाफ की व्यवस्था नहीं हो सकी है। अति महत्वपूर्ण मेहमानों के विश्राम गृह का ताला नहीं खुल पा रहा है। पदों का सृजन नहीं होने से सर्किट हाउस की देखभाल की जिम्मेदारी कनिष्ठ अभियंता के अलावा लोनिवि के बेलदार निभा रहे हैं।
मार्च 2014 में 249.40 लाख रुपये से निर्मित इस सर्किट हाउस में दो वीवीआईपी, तीन वीआईपी और दो जनरल अतिथि गृह बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री, राज्यपाल सहित 70 से अधिक विशिष्ट मेहमान यहां आ चुके हैं। सर्किट हाउस के प्रबंधन के लिए व्यवस्था अधिकारी सहित कुल 13 कर्मचारियों की जरूरत है। इन कर्मचारियों की तैनाती तो दूर बल्कि किसी भी पद का सृजन नहीं हुआ है। इससे अति महत्वपूर्ण राजकीय अतिथियों के लिए निर्मित इस सर्किट हाउस के संचालन में चुनौती बन रही है। सर्किट हाउस को लोनिवि की गैंग के तीन बेलदारों के जरिए किसी तरह संचालित किया जा रहा है। स्टाफ नहीं होने से देखरेख और संचालन में दिक्कतें तो है ही, खासकर भवन की सफाई कराना चुनौतीपूर्ण है।
जिले के बनबसा में दूसरे सर्किट हाउस के लिए जमीन को जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा। वहीं चंपावत के सर्किट हाउस के लिए पदों का सृजन और तैनाती के लिए राज्य संपत्ति विभाग से कहा गया है। फिलहाल लोनिवि के जरिए इसका संचालन कराया जा रहा है।
नरेंद्र सिंह भंडारी, डीएम, चंपावत।