चंपावत में तीन दिन में 88 मिमी बारिश हुई, पेयजल स्रोत भी चार्ज हुए
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। चंपावत में पिछले तीन दिनों में खूब बारिश हुई है। 30 अप्रैल से दो मई तक कुल 88 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। इस बारिश के नुकसान कम हैं और फायदे ज्यादा हैं। कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक डॉ. रजनी पंत ने कहा कि बारिश से सब्जियों को फायदा होगा। अगले दो दिन और तेज बारिश होने की स्थिति में सब्जी पर फंगस जनित रोग का खतरा हो सकता है। खड़े गेहूं या कटाई वाले गेहूं को भी बारिश नुकसान पहुंचा सकती है।
डीएचओ टीएन पांडेय और मुख्य कृषि अधिकारी जीएस भंडारी ने कहा कि बारिश खेती के लिए आमतौर पर लाभकारी है। अगर ओले नहीं पड़ते हैं तो इस बारिश के फायदे काफी हैं। बारिश से वनों की आग का खतरा कम हुआ है। डीएफओ आरसी कांडपाल का कहना है कि फिलहाल बारिश ने दावाग्नि से निजात दिलाई है। गर्मियों में शुरू हुई पेयजल किल्लत भी बारिश से कम हुई। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि बारिश में भीगने से बीमार होने से लेकर एलर्जी का खतरा बढ़ सकता है।
बारिश से हुआ है ये असर:
1.खरीफ की फसल के लिए बारिश फायदेमंद है। खेतों को नमी मिलने से धान, मडुवा, सांवर, उड़द की कुछ समय बाद होने वाली बुवाई में लाभ होगा।
2.आलू सहित सभी फसलों को बारिश से फायदा होगा।
3.बारिश से पेयजल स्रोत चार्ज हुए हैं। पानी की कमी दूर होगी।
4.तपिश की वजह से जंगलों पर आग का खतरा बढ़ रहा था। बारिश से फिलहाल इससे निजात मिली है।
5.बारिश से भीगने से बचने के अलावा खुजली और एलर्जी का खतरा बढ़ सकता है।
बारिश का आंकड़ा (मिलीमीटर में):
चंपावत: 54
लोहाघाट: 26
पाटी: 9
टनकपुर: 19