चंपावत। योजनाओं के बावजूद विभिन्न श्रेणी के मजदूरों (राजमिस्त्री, बढ़ई, प्लंबर, वेलडर, इलैक्ट्रिशियन) की हालत ठीक नहीं है। चंपावत जिले मेें श्रम विभाग में पंजीकृत 9000 मजदूरों में से डेढ़ हजार से अधिक को श्रम कल्याण योजना की सुविधा के लाभ से वंचित हैं।
वर्ष 2005 से श्रम शुल्क के रूप में वसूली जाने वाली राशि से श्रम विभाग मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा की योजनाएं चलाता है। असंगठित क्षेत्र के मजदूर को श्रम विभाग में पंजीकरण होने के तीन माह बाद ये लाभ मिलते हैं। इस योजना का भी विशेष लाभ श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूरों को नहीं मिल पा रहा है। 800 से ज्यादा मजदूरों को उनके व्यवसाय से संबंधित टूल किट ही चार वर्ष से नहीं बंट सके हैं। करन, नरेश, रामी राम, मिलाप सिंह, अखिलेश सहित कई मजदूरों ने कहा कि वे लंबे समय से मजदूरी कर रहे हैं लेकिन योजनाओं का लाभ नहीं मिला है। श्रम प्रवर्तन अधिकारी मीनाक्षी भट्ट ने कहा कि योजनाओं का लाभ कर्मकार कल्याण बोर्ड देता है। योजनाओं के पात्र मजदूरों के आवेदन बोर्ड को भेजा गया है।
श्रम पंजीकरण पर मजदूर और उनके परिवारों को मिलने वाली सुविधाएं: 1
.हादसे में मजदूर की मौत होने पर परिजनों को पांच लाख रुपये और सामान्य मौत पर 2.10 लाख रुपये।
2.मजदूर की पुत्री के लिए 51 हजार रुपये।
3.मजदूरों को उनके व्यवसाय से संबंधित टूल किट।
4.मैदान में साइकिल और पहाड़ में सिलाई मशीन।
5.बच्चों की पढ़ाई के लिए 200 रुपये से 2500 रुपये तक का मासिक वजीफा।
6.मकान निर्माण के लिए 50 हजार रुपये तक कर्ज की सुविधा।
7.एक हजार रुपये की निशक्तता पेंशन।
8.महिला श्रमिक का विभाग में पंजीकृत अस्पताल में निशुल्क इलाज की व्यवस्था। 9
.अंतिम संस्कार के लिए दस हजार रुपये की सुविधा।