टनकपुर (चंपावत)। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति के प्रदेश महासचिव भगवान जोशी ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों को भी लोकतंत्र सेनानियों की तरह सुविधाएं और पेंशन मिलनी चाहिए। समिति लंबे समय से आंदोलनकारियों के हितों को लेकर संघर्षरत है लेकिन किसी भी राजनीतिक दल की सरकार ने इसमें गंभीरता नहीं दिखाई है।
अमर उजाला से वार्ता में समिति के प्रदेश महासचिव जोशी ने कहा कि अलग राज्य के निर्माण में उत्तराखंड के हर जनमानस ने लड़ाई लड़ी लेकिन सक्रिय राज्य आंदोलनकारियों का विशेष योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठ चुके राष्ट्रीय दलों की सरकार ने आंदोलनकारियों की पीढ़ा को समझने का प्रयास नहीं किया। किसी भी दल की सरकार ने ऐसी कोई ठोस नीति नहीं बनाई जिससे आंदोलनकारियों का हित हो। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठी भाजपा सरकार लोकतंत्र सेनानी के नाम पर अपने वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को तो बीस हजार रुपये मासिक पेंशन दे रही है लेकिन आंदोलनकारियों की पेंशन में महज 1400 रुपये की बढ़ोतरी की गई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानी की तर्ज पर आंदोलनकारियों को भी पेंशन और सुविधाओं के लिए समिति आवाज उठाएगी।