चंपावत। जिला अस्पताल में तैनात एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजूनाथ के 24 मई से अवकाश पर जाने से बच्चों के अभिभावकों को उनका इलाज कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों को निजी क्लीनिकों और मेडिकल स्टोरों में अपने बीमार बच्चों को दिखाना पड़ रहा है या फिर फिजिशियन से ही इलाज कराना पड़ रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ के पास रोजाना औसतन 80 ओपीडी होती है। अस्पताल के पीएमएस डॉ. एचएस ह्यांकी ने बताया कि बाल रोग विशेषज्ञ संबंधित परीक्षा देने गए हैं। बच्चों का इलाज फिलहाल फिजिशियन कर रहे हैं। 29 मई के बाद बच्चों का इलाज अस्पताल में शुरू हो जाएगा। संवाद