डेढ़ माह से बंद टनकपुर का पीएम जन औषधि केंद्र। संवाद
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टनकपुर (चंपावत)। जिले के मैदानी क्षेत्र टनकपुर और बनबसा के लोगों को सस्ती दवाएं मिलनी बंद हो गई है। इसकी वजह टनकपुर उप जिला अस्पताल परिसर में स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में फिर से ताले लटकने है। ताले क्यों लटके हैं, इसका पता नहीं है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग इसका पता लगाने में जुट गया है।
टनकपुर का जन औषधि केंद्र सितंबर 2020 से बंद था। तब इस औषधि केंद्र से नुकसान होने की दलील देकर संचालक ने बंद कर दिया गया था। पूरे 20 माह बाद इसी साल मई के पहले सप्ताह में यह केंद्र फिर से शुरू हुआ लेकिन इसमें फिर से ताले लटक गए हैं।
इस कारण लोग बाजार से महंगी दवाएं खरीदने को मजबूर हैं जबकि ब्रांडेड दवाओं की अपेक्षा जेनरिक दवाएं 60 से 80 प्रतिशत कम कीमत पर मिलती हैं।
चंपावत जिले में हैं तीन जन औषधि केंद्र
टनकपुर (चंपावत)। वर्ष 2018 से जिला अस्पताल के अलावा लोहाघाट और टनकपुर उप जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोले गए। चंपावत और लोहाघाट औषधि केंद्रों का तो लोगों को लाभ मिल रहा है लेकिन टनकपुर औषधि केंद्र फिर से बंद हो गया है।
टनकपुर उप जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का संचालन क्यों बंद है अभी इसका पता नहीं है। केंद्र बंद होने की वजह का पता लगाने के साथ ही इसके जल्द से जल्द संचालन का प्रयास किया जाएगा। -डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।