देवीधुरा के बगवाल मेले में झोड़ा गायन करतीं खाम की महिलाएं। संवाद
पाटी/देवीधुरा (चंपावत)। मां बाराही धाम देवीधुरा में शनिवार को चंद्रायण पूजा हुई। पूजन में चार खाम और सात थोक के प्रतिनिधि शामिल हुए। महिलाओं ने दो दिन के व्रत का उद्यापन किया।
पीठाचार्य कीर्तिबल्लभ जोशी ने बताया कि पूजा से पहले मंदिर को गंगा जल, गाय के दूध, गोमूत्र और गोबर से शुद्ध किया गया। व्रतधारी महिलाओं ने मां बाराही के नौले से जल लाकर शुद्धिकरण किया। मंदिर में सालभर जलने वाली दीपक की बाती को भी बदला गया। पंचगव्य को चार खाम और सात तोक के घरों में छिड़का गया। लमगड़िया खाम के वीरेंद्र सिंह लमगड़िया, गहड़वाल खाम के त्रिलोक सिंह बिष्ट, विमल बिष्ट, कोट भैसर्ख के भूपाल सिंह, चम्याल खाम के गंगा सिंह, वालिग खाम के बद्री सिंह, दीवान सिंह, गुरना से महादेव पुजारी, महेश चंद्र, टकना से जगदीश चंद्र, गोकुल चंद्र, भुवन चंद्र जोशी मौजूद रहे।
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झोड़ा गायन ने समा बांधा
पाटी/देवीधुरा (चंपावत)। देवीधुरा के बगवाल मेले में पहली बार हुए झोड़ा गायन ने समा बांधा। चारों (वालिग, चम्याल, गहड़वाल और लमगड़िया) खाम की 300 से अधिक महिलाओं ने खोलीखांड दुबचौड़ा मैदान में झोड़ा गायन किया। झोड़ा गायन को प्रोत्साहित करने के लिए हर महिला को 201 रुपया पुरस्कार दिया गया। कीर्तिबल्लभ जोशी, भुवन जोशी और दीपक बिष्ट के संचालन में हुई प्रतियोगिता में रोटरी क्लब के अध्यक्ष विनोद गड़कोटी की ओर से ये पुरस्कार दिया गया। आयोजन में चंदन बिष्ट सहित कई लोगों ने सहयोग दिया।