चंपावत। जिले का शिक्षा विभाग स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। इसमें मुख्य पदों में जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक का पद लंबे समय से लंबे समय से रिक्त है। वहीं विभिन्न पदों पर तैनाती नहीं होने से विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहा है।
मुख्य शिक्षाधिकारी कार्यालय और जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक कार्यालय में स्टाफ की कमी से यहां कार्यरत अन्य कर्मचारियों को अतिरिक्त कार्य करना पड़ रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के मिनिस्टीरियल संवर्ग के तीन कनिष्ठ सहायक पदों में से केवल एक पर ही तैनाती है। दो पद 15 सितंबर 2017 से रिक्त चल रहे हैं। वैयक्तिक सहायक का पद भी 25 अप्रैल 2018 से रिक्त है। इसी तरह चतुर्थ श्रेणी संवर्ग के परिचालक के छह स्वीकृत पदोंं के सापेक्ष पांच पद रिक्त चल रहे हैं।
इधर जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक का पद 14 जून 2011 से रिक्त चल रहा है जबकि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यह पद भी सितंबर 2017 से रिक्त है। इसके साथ ही वरिष्ठ सहायक के दो पद, और कनिष्ठ सहायक के दो पदों पर लंबे अर्से से तैनाती नहीं हो सकी है। मिनिस्टीरियल संवर्ग के आठ स्वीकृत पदों के सापेक्ष पांच पद रिक्त हैंं।
लोहाघाट पुस्तकालय का हाल भी यही है। यहां पुस्तकालयाध्यक्ष समेत छह पदों के सापेक्ष एक पद पर ही भरा हुआ है। सीईओ कार्यालय के कुल स्वीकृत 24 पदों में से आठ पद ही भरे गए हैं। शेष 16 पद रिक्त चल रहे हैं। सीईओ कार्यालय में लेखाकार संवर्ग के आठ पद स्वीकृत हैं जो कि सभी खाली हैं। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी लोचन कुमार त्रिपाठी ने बताया कि विभागीय कार्य निपटाने में काफी दिक्कतें सामने आ रही हैंं।
कोट
शिक्षा विभाग में लंबे समय से पदों के रिक्त रहने से विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहा है। शासन को समय समय पर स्टाफ की कमी से अवगत कराया गया है। -मेहरबान सिंह बिष्ट, सीईओ, चंपावत।