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Champawat: वन विभाग की टीम ने ट्रक में छिपाकर ले जाया जा रहा 33 कुंतल लीसा पकड़ा, चालक फरार

Sat, 03 Dec 2022 01:34 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, टनकपुर/चंपावत

सार

चंपावत के डीएफओ आरसी कांडपाल ने बताया कि संदेह होने पर टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बस्टिया में ट्रक (यूके 14 सीए/ 1096) को रोकने की कोशिश की गई लेकिन ट्रक चालक गच्चा देकर आगे बढ़ गया।
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ट्रक में इस तरह चैंबर बना की गई लीसे की चोरी। संवाद - फोटो : CHAMPAWAT
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विस्तार
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वन विभाग की टीम ने टनकपुर के ककरालीगेट पर लीसे से लदे ट्रक को पकड़ा है। ट्रक में केबिन बनाकर 207 टिन (33 कुंतल) लीसे को छुपाया गया था। वन विभाग की टीम को देख चालक ट्रक को छोड़कर फरार हो गया। वन विभाग ने अज्ञात के खिलाफ वन अधिनियम की धारा 26, 41, 42 और 52 के तहत केस दर्ज करने के साथ ही लीसे सहित ट्रक को जब्त कर लिया है।

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चंपावत के डीएफओ आरसी कांडपाल ने बताया कि संदेह होने पर टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बस्टिया में ट्रक (यूके 14 सीए/ 1096) को रोकने की कोशिश की गई लेकिन ट्रक चालक गच्चा देकर आगे बढ़ गया। बस्टिया के वन दरोगा रेवाधर जोशी के नेतृत्व में मुकेश जोशी, अनिल पांडेय की टीम ने विभागीय अधिकारियों को सूचना देने के साथ ही ट्रक का पीछा किया। बाद में शारदा वन क्षेत्राधिकारी महेश सिंह बिष्ट के नेतृत्व में वनकर्मियों ने एनएच पर ककरालगेट वन बैरियर पर ट्रक को रोक लिया। वन टीम को देख चालक मौके से फरार हो गया। ट्रक की तलाशी लेने पर 207 टिन लीसा बरामद हुआ। टीम में ककरालीगेट वन चौकी प्रभारी महेश अधिकारी, निर्मल खुल्बे, गणेश पांडेय, योगेश जोशी, भास्कर जोशी आदि थे।

डीएफओ कांडपाल ने बताया कि लीसा कहां से चोरी किया गया है, इसकी तफ्तीश की जा रही है। ट्रक के सूखीढांग-डांडा-मीडार की ओर से आने की पुष्टि हुई है। माना जा रहा है कि सड़क किनारे एकत्र लीसा चोरी किया गया है। लीसा का अवैध धंधा करने वाले लोग ट्रक में चैंबर को चोरी का नया हथियार बना रहे हैं। इससे पूर्व अगस्त 2018 में देवीधुरा के पास वालिक क्षेत्र से दो पिकअप वाहनों से भी 240 टिन अवैध लीसा बरामद हुआ था।
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पिछले साल हुई थी 7011 क्विंटल लीसे की बिक्री 
चंपावत जिले के जंगल चीड़ बाहुल्य हैं। जिले में कुल 80549.10 हेक्टेयर वन क्षेत्र में से 27292.75 (39 प्रतिशत) चीड़ का जंगल है। चीड़ की अधिकता के कारण चंपावत में 1978 में लीसा आधारित औद्योगिक इकाई भी स्थापित की गई थी। 
कुमाऊं मंडल विकास निगम की रोजिन टरपंटाइन फैक्टरी बंद होने से पहले तक लगातार मुनाफे में रही थी। उत्तराखंड बनने के बाद बदली लीसा नीति की वजह से 2006 में इसे बंद कर दिया गया। डीएफओ आरसी कांडपाल ने बताया कि वर्ष 2021 में चंपावत जिले के वन क्षेत्रों से विभाग ने 7011 क्विंटल लीसा एकत्र किया। इससे विभाग को 1.38 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व मिला।
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 चीड़ के जंगल वाले क्षेत्र (हेक्टेयर में): 
चंपावत: 3873.79, लोहाघाट: 2532.10, काली कुमाऊं: 1336.72,  देवीधुरा: 9604.66, भिंगराड़ा: 8817.67, बूम: 924.13 और दोगाड़ी: 23.68।

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