चंपावत/टनकपुर। अमोड़ी के पास एक कार के खाई में गिरने से चालक सहित चार लोगों की मौत हो गई जबकि दो लोग घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल को टनकपुर अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया गया है। डीएम के निर्देश पर दुर्घटना स्थल से पांच किलोमीटर दूर अमोड़ी में ही मृतकों का पोस्टमार्टम किया गया। करीब 250 मीटर खाई में गिरने से कार के परखच्चे उड़ गए। चढ़ाई पर कार के बंद होने से एकाएक पीछे आने से हादसा होने का अंदेशा जताया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर शोक जताते हुए संवेदना जताई है और घायलों को बेहतर चिकित्सा सेवा देने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक टनकपुर से खटोली गांव जा रही कार अमोड़ी-खटोली राजमार्ग पर सात किलोमीटर दूर दुधौरी स्कूल के पास रविवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे करीब 250 मीटर गहरी खाई में गिर गई। हादसे में तीन ग्रामीणों ने मौके पर दम तोड़ दिया जबकि दो अन्य सवार घायल हुए। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना देने के साथ ही तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। चंपावत के कोतवाल योगेश उपाध्याय और चल्थी के प्रभारी सुरेंद्र सिंह खड़ायत दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से शवों को निकाला।
सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने आपात सेवा 108 की एंबुलेंस के अलावा दो और एंबुलेंस को मौके पर भेजा। दोनों घायलों स्वरूप सिंह (45) पुत्र पान सिंह निवासी खटोली और कुंदन सिंह (50) पुत्र लक्ष्मण सिंह निवासी पचनई को टनकपुर उप जिला अस्पताल ले जाया गया। टनकपुर के प्रभारी चिकित्साधीक्षक डॉ. वीके जोशी और डॉ. मोहम्मद उमर ने घायलों का इलाज किया। एमएस ने बताया कि कुंदन सिंह के सिर में गंभीर चोट होने से हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया गया है लेकिन खटीमा के पास पहुंचते ही उन्होंने रास्ते में दम तोड़ दिया। सीएमओ ने बताया कि मृतकों का अमोड़ी के एएनएम केंद्र में पोस्टमार्टम कराया गया। हादसे के बाद से परिवार में मातम छाया है। एआरटीओ सुरेंद्र कुमार और संभागीय निरीक्षक संजय कुमार ने मौके पर पहुंचने के बाद बताया कि घटना स्थल का निरीक्षण से कार के चढ़ाई में बंद होने से पीछे आना प्रतीत हो रहा है।
मृतकों के नाम: 1.चालक राजेंद्र सिंह (40) पुत्र कुंवर सिंह, निवासी तल्ली खटौली। 2. शंकर सिंह (55) पुत्र मान सिंह, निवासी काडा डोला। 3.जगत सिंह (60) पुत्र माधव सिंह निवासी लड़ाबोरा। 4. कुंदन सिंह (50) पुत्र लक्ष्मण सिंह निवासी पचनई।
इन ग्रामीणों ने राहत कार्य में बंटाया हाथ:
प्रधान दीवान सिंह, पूर्व प्रधान भीम सिंह, दीपक सिंह बोहरा, किशन सिंह, भीम सिंह, जगत सिंह, रोहित सिंह, हयात राम, द्रोपदी देवी, रघुराम।
चंद पलों में हो गया रंग में भंग, चार गांवों में नहीं मनेगी होली
चंपावत। होली के खूबसूरत रंगों को एक हादसे ने चंद पलों में मटियामेट कर दिया। चार गांव के चार लोगों की मौत ने गांवों को मातमी का सन्नाटे में डूबो दिया। इस बार इन गांवों में होली का रंग नहीं पड़ेगा। ग्राम प्रधान दीवान सिंह बिष्ट का कहना है कि गांवों की परंपरा है कि किसी की मौत के बाद पीपलपानी तक कोई शुभ कार्य नहीं होते। इस कारण तल्ली खटौली, काडा डोला, लड़ाबोरा और पचनई गांव में होली नहीं मनाई जाएगी।
अमोड़ी क्षेत्र के दुधौरी गांव में हुए कार हादसे से ग्रामीण क्षेत्रों में मातम है। चारों मृतक मामूली परिवारों के हैं और मेहनत मजदूरी कर गुजर बसर करते थे। उनकी मौत से चारों परिवार सदमे में हैं। चारों (बुजुर्ग जगत सिंह, शंकर सिंह, राजेंद्र सिंह और कुंदन सिंह) की मौत के बाद परिवार के भरणपोषण की चुनौती अलग है।
तीन दिन पहले रुद्रपुर से आया था स्वरूप
चंपावत। कार हादसे में अकेले स्वरूप सिंह की जान बच सकी। फिलहाल उसका टनकपुर अस्पताल में इलाज चल रहा है। 45 साल का स्वरूप सिंह रुद्रपुर में एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है। तीन दिन पहले ही होली के लिए स्वरूप अपने गांव खटोली आया था। रविवार को टनकपुर से काम निपटाकर वापस आया।
तकनीकी खामी सामने नहीं आई: एआरटीओ
चंपावत। परिवहन विभाग ने हादसे के फौरन बाद दुधौरी जाकर तकनीकी परीक्षण किया। एआरटीओ सुरेंद्र कुमार का कहना है कि अब तक के मुआयने और जांच से दुर्घटना के पीछे कोई तकनीकी वजह दिखाई नहीं दी। उनका कहना है कि कार मैन्युल है। टायर की हालत ठीक है, ब्रेक पैडल काम करने से ब्रेक भी ठीक है। ऐसे में दुर्घटना की वजह कार का चढ़ाई में एकाएक बंद हो पीछे आने का अंदेशा है। हो सकता है कि गियर न लगने से कार न्यूट्रल पर आ गई हो और काबू न होने से लुढ़क गई। जिससे यह हादसा हुआ। एआरटीओ के साथ मुआयने में आरआई संजय कुमार भी थे।
अमोड़ी क्षेत्र में दस माह में दूसरा हादसा
चंपावत। अमोड़ी-खटोली सड़क पर रविवार को कार दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गई। हादसे में पहली नजर में सड़क की खामी नहीं बताई जा रही है। ईई एपी जोशी का कहना है कि पीएमजीएसवाई से बनी यह सड़क ठीक हाल में भी है और इसमें डामर भी हुआ है। अमोड़ी क्षेत्र में दस माह में यह दूसरी दुर्घटना है। इससे पूर्व अप्रैल 2022 में टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर अमोड़ी के पास एक जीप गहरी खाई में लुढ़कने से दो महिलाओं सहित तीन यात्रियों की मौत हो गई थी।