लोहाघाट नगर के शिवालय मंदिर के समीप कैंटर के नदी में गिरने से वाहन चालक की मौत हो गई। साथ में बैठा दूसरा युवक गंभीर रूप से चोटिल हो गया। घायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया। वाहन दुर्घटना में मृतक युवक को निकालने में राहत और बचाव दल को 19 घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। बुधवार की रात करीब साढे़ नौ बजे टनकपुर से भवन निर्माण सामग्री लेकर आ रहा कैंटर नंबर यूके 04सीसी 7477 अनियंत्रित होकर शिवालय मंदिर के समीप लोहावती नदी में जा गिरा। सूचना पर देर रात पुलिस और दमकल टीम ने रेस्क्यू कर घायल सोनू राय (24) पुत्र भैरव राय निवासी रायनगर चौड़ी को वाहन की बॉडी काटकर बाहर निकाला,। लोहाघाट अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद घायल सोनू को जिला अस्पताल चंपावत रेफर किया। घटना का पता लगते ही पुलिस, दमकल कर्मी रायनगर चौड़ी के ग्रामीण घटना स्थल में पहुंच गए। रात में टीम लापता चालक की खोज के लिए रेस्क्यू करती रही, लेकिन वह रात नहीं मिला। बृहस्पतिवार सुबह फिर से रेस्क्यू अभियान चलाया। आईटीबीपी, पुलिस और दमकल की टीम ने रेस्क्यू कर चालक लीलाधर भट्ट (24) पुत्र स्व. शंकर दत्त भट्ट निवासी कोट अमोड़ी चंपावत का शव वाहन से निकाला। एसपी अजय गणपति, सीओ वंदना वर्मा, सीओ बीसी जोशी, तहसीलदार जगदीश नेगी, थाना प्रभारी अशोक कुमार बचाव कार्य किया गया। अमोड़ी से धधूरा मंडल अध्यक्ष नवीन भट्ट के नेतृत्व में आए ग्रामीणों ने बचाव कार्य में मदद की। बताया जा रहा है कि करीब 40 मीटर क्रैश बैरियर से रगड़ते हुए कैंटर नीचे गिरा। सोनू की हिम्मत ने दिया जीवनदान शिवालय मंदिर के पास दुर्घटनाग्रस्त कैंटर में घायल युवा सोनू की हिम्मत ने उसे जीवनदान दिया है। सोनू का कहना है कि टनकपुर से आते वक्त वह वाहन में ही सोया था। जब उसकी नींद खुली तो चालक ने मानेश्वर पहुंचने की बात कही। सोनू ने बताया कि वह फिर सो गया। सोनू ने बताया कि जब वाहन नदी में गिरा तो अचानक पानी उसके शरीर में आने से उसकी नींद खुल गई। रात के अंधेरे में उसने कैंटर चालक को काफी आवाजें लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। सोनू ने नदी से ही बचाने के लिए आवाज लगाई। उसकी आवाज सुनकर कुछ लोग नदी में आ गए। पुलिस को सूचना देने के बाद राहत और बचाव टीम मौके में पहुंच गई। सोनू कैंटर के केबिन में फंसा हुआ था, टीम ने कैंटर की बॉडी काटकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। सोनू ने मानेश्वर पहुंचने की सूचना परिजनों को दी। घटना के बाद उसका फोन बंद आया। काफी देर तक सोनू से संपर्क न होने पर पिता भैरव राय और मां नंदा देवी लोहाघाट बाजार आकर खोजबीन करने लगे। बाद में शिवालय मंदिर के पास कैंटर दुर्घटना होने की सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंचे। बेटे को सुरक्षित देख उनकी सांस में सांस आई रेस्क्यू में देरी पर लोगों ने जताई नाराजगी बुधवार की रात शिवालय मंदिर के पास कैंटर दुर्घटना के बाद चालक के शव को निकालने में हुई देरी पर लोगों ने प्रशासन के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई। घटना की सूचना मिलने पर कोट अमोड़ी क्षेत्र के लोगों ने घटना स्थल पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने कहा कि सीएम का जिला होने के बाद भी प्रशासन के पास दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को निकालने के लिए एक क्रेन तक की व्यवस्था नहीं है। लोगों ने कहा कि संसाधनों की कमी के चलते चालक का शव निकालने में 19 घंटे लग गए।