देवीधुरा के बगवाली मेले में झोड़ा गायन करतीं खामों की महिलाएं। संवाद
लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड के पुलहिंडोला में आठ दिनी श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ और रामलीला मंचन का शुभारंभ हो गया है। इस दौरान क्षेत्र की महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। शुक्रवार को जीआईसी के समीप उल्का देवी मंदिर से पूर्णागिरि मंदिर, पुलहिंडोला बाजार से होते हुए महिलाओं ने आयोजन स्थल रामलीला मैदान तक कलश यात्रा निकाली।
हरिद्वार से आए पुरोहितों ने देव पूजन और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। दोपहर बाद कथा वाचक व्यास पंडित नीरज जोशी ने कथा का प्रवचन किया। मुख्य यजमान मोहन सिंह बोहरा, प्रेम सिंह भंडारी रहे। कथा सुनने पुल्ला, टमटकांडे, ढोरजा, खेतसारी, बिल्दे, डुमडाई गांवों के लोग शामिल रहे। रामलीला कमेटी अध्यक्ष देवेंद्र पाटनी ने बताया कि कथा के बाद शाम को रामलीला के प्रमुख प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। इस मौके पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष मोहित पाठक, सतीश पांडेय, राजू पुनेठा, नकुल पंत मौजूद रहे।
देवीधुरा में खाम की महिलाओं ने किया झोड़ा गायन
पाटी/देवीधुरा (चंपावत)। देवीधुरा के बगवाल मेले में पहली बार झोड़ा गायन का आयोजन किया गया। चारों (वालिग, चम्याल, गहड़वाल और लमगड़िया) खाम की 300 से अधिक महिलाओं ने खोलीखांड दुबचौड़ा मैदान में झोड़ा गायन किया। झोड़ा गायन को प्रोत्साहित करने के लिए हर महिला को 201 रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया। कीर्तिबल्लभ जोशी, भुवन जोशी और दीपक बिष्ट के संचालन में हुई प्रतियोगिता में रोटरी क्लब के अध्यक्ष विनोद गड़कोटी की ओर से यह पुरस्कार दिया गया। आयोजन में चंदन बिष्ट सहित कई लोगों ने सहयोग दिया। झोड़ा उत्तराखंड का लोकनृत्य गायन है, जिसका सामूहिक रूप से गायन किया जाता है।
देवीधुरा के बगवाली मेले में झोड़ा गायन करतीं खामों की महिलाएं। संवाद