लोहाघाट(चंपावत)। अल्मोड़ा के सल्ट में हुई बस दुर्घटना ने बाराकोट क्षेत्र के च्युरानी के पास हुई बस दुर्घटना की यादें ताजा दी हैं। च्युरानी में हुई बस दुर्घटना में भी करीब 40 से अधिक यात्रियों की मौत हो गई थी। पाटी के पूर्व ब्लाॅक प्रमुख भागीरथ भट्ट और प्रमुख राज्य आंदोलनकारी नवीन मुरारी ने बताया कि वर्ष 1984-85 में लोहाघाट से करीब 22 किलोमीटर दूर च्युरानी के पास रोडवेज के पिथौरागढ़ डिपो की बस जो झूलाघाट से टनकपुर की ओर रवाना हुई थी वह दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। बस में सवार करीब 40 लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद राहत और बचाव कार्य में जुटे भट्ट ने बताया कि बस सड़क से करीब 100 फीट नीचे गहरी खाई में गिरी थी, जिसमे सवार अधिकांश यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई थी। भट्ट और मुरारी ने बताया कि यह बस दुर्घटना पिथौरागढ़ टनकपुर मार्ग की सबसे बड़ी दुर्घटना थी। पर्वतीय क्षेत्रों में वाहन दुर्घटना का मुख्य कारण चालक के नशे में होना, वाहनों में ओवरलोड और ओवर स्पीड वाहनों के संचालन होता है। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन को इन तीनों चीजों पर शक्ति से निपटने की जरूरत है। इसके अलावा 1994 में लोहाघाट के पंचेश्वर में भी रोडवेज की बस दुर्घटनाग्रस्त हा गई थी इसमें 24 लोगों की जान चली गई थी।