चंपावत के पाटी में मस्टा संगीत कला समिति के तत्वावधान में बैठकी होली गाते होल्यार।
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लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड के ग्राम सभा सुई पऊ के छमनियां तोक में पौष मास में बैठकी होली का आयोजन किया गया। देर रात तक चली बैठकी होली में होल्यारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं को बांधे रखा। गणेश वंदना ‘गणपति को भज लीजै रसिक वो तो आदि कहावै’ बैठकी होली से की गई। जीएस पंत ने ‘सांझ भई घर जाओ लला मुरली ना बजाओ’ की प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
बैठकी होली में मनोज कुमार चतुर्वेदी ने राग काफी में ‘पिया तो मानत नाहीं, कैलाश चंद्र जोशी ने राग जंगला काफी में ‘जिसे पहनूं में सारी उमरिया’ की शानदार प्रस्तुति दी। अंत में महिलाओं द्वारा भजन कीर्तन प्रस्तुत किए। साक्षी चतुर्वेदी ने ‘हरे तीन पत्तों में क्या बल है जिसमें भोला मगन है’, लक्ष्मी देवी ने ‘ओ मैया श्रृंगार तेरा लाल है’, उर्मिला ने ‘मैया तेरे चरणों की धूल जो मिल जाए’ की प्रस्तुति देकर समा बांध दिया। इस दौरान जगत प्रकाश, गोविंद देव, गीता देवी, जयनेश, तक्छू चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे। संवाद
गणपति को तू भज ले...
पाटी (चंपावत)। मां वाराही सुगम संगीत की ओर से रविवार को नववर्ष की शुभकामनाओं के साथ बैठकी होली का आयोजन समिति के संरक्षक टीकाराम सोराड़ी के आवास पर किया गया। समिति के अध्यक्ष सुरेश भट्ट की अध्यक्षता में होली का शुभारंभ टीकाराम सोराड़ी ने राग काफी में गणपति को तू भज ले...से किया।
गोकुलानंद भट्ट ने राग काफी में जटन विराजत गंगे... होली का गायन किया। राग देश में रणजीत सिंह ने अब की टेर हमारी राखो गिरधारी... गाकर समां बांधा। सुरेश चंद्र भट्ट ने राग धमा में मन सुख लागो मृदंग...के साथ ही राग काफी में शिव सुमिरन जिन जाना..., सतीश जोशी ने ही राग काफी में कभी प्यासे को पानी.. और शुभम गहतोड़ी ने राधे तेरे चरणों की धूल...भजन का गायन किया। तबले पर संगत सुरेश भट्ट, गोकुल भट्ट और शुभम ने दी। साथ डॉ. प्रेमबल्लभ शास्त्री, जगदीश टकवाल, गोलू गहतोड़ी ने गीत गायन में सहयोग किया।