चंपावत। जिले के दो प्रमुख आध्यात्मिक धाम मां पूर्णागिरि धाम और बगवाल के लिए मशहूर मां वाराही धाम देवीधुरा के विकास के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। प्रशासन ने दोनों धामों के विकास के लिए 484.50 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए संस्कृति निदेशालय को भेजा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले साल अप्रैल में जिले के दोनों शीर्ष आध्यात्मिक धामों के विकास का ऐलान किया था। प्रशासन ने इसके लिए कार्ययोजना तैयार की है। मां पूर्णागिरि धाम के लिए 208.90 लाख और मां वाराही धाम देवीधुरा के लिए 275.60 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाया गया है। दोनों धामों के विकास से श्रद्धालुओं को और बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा।
धाम के विकास के लिए मुख्य रूप से होंगे ये काम
पार्किंग स्थल का विस्तार, मुख्य मंदिर तक परिक्रमा पथ, आसपास की सड़कों को बेहतर करना, हाईटेक शौचालय, स्नानागार, सफाई, स्वास्थ्य, पेयजल, मोबाइल नेटवर्क बेहतर करना।
मुख्यमंत्री की घोषणा के आधार पर मां पूर्णागिरि और मां वाराही धाम देवीधुरा के विकास के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति के लिए संस्कृति निदेशालय भेजा गया है।
- नरेंद्र सिंह भंडारी, डीएम, चंपावत।
नौ मार्च से शुरू पूर्णागिरि मेला तीन माह तक चलेगा
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम के मेले की तैयारी जोरों पर है। खासकर सड़क और खराब मार्गों की मरम्मत अंतिम दौर पर है। वहीं दुकानों की सफाई और सजावट भी तकरीबन पूरी होने वाली है। नौ मार्च से शुरू मां पूर्णागिरि धाम मेले का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुभारंभ करेंगे। तीन महीने तक चलने वाले सरकारी मेले की तैयारी की डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने पहली मार्च को समीक्षा की थी।
मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी का कहना है कि मेले में सफाई, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली की व्यवस्था तकरीबन पूरी कर ली गई है। पार्किंग का विस्तार किया जा रहा है। वहीं सुलभ शौचालयों की संख्या को भी बढ़ाया जा रहा है। व्यापारी दुकानों और धर्मशालाओं को शुद्धता के मद्देनजर गाय के गोबर से लेप किया जा रहा है। मेलाधिकारी जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी भगवत पाटनी का कहना है कि सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात सहित मेले की सभी व्यवस्थाएं सात मार्च तक पूरी हो जाएंगी।