सूखीढांग के गजार गांव के पास पिंजड़ा ले जाते वन कर्मी। संवाद
चंपावत। सूखीढांग क्षेत्र के गजार के पास के जंगल में तेंदुए के हमले में जान गंवाने वाली भोजनमाता चंद्रावती (39) का टनकपुर में पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को अंतिम संस्कार किया गया। बूम के घाट में गमगीन माहौल में उनकी अंत्येष्टि हुई। इधर तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। पांच किलोमीटर पैदल मार्ग पर रस्से के सहारे वन कर्मियों ने पिंजरे को देर शाम को गजार गांव तक पहुुंचाया।
डीएफओ आरसी कांडपाल ने बताया कि पिंजरा लगाने के साथ ही क्षेत्र में गश्त भी बढ़ाई गई है। बूम के अलावा दोगाड़ी रेंज के वन कर्मियों को भी गश्त में लगाया गया है। साथ ही ग्रामीण और वीरान क्षेत्र की झाडिय़ों को काटा जा रहा है। ग्राम प्रधान कमल किशोर ने बताया कि वन विभाग ने पीडि़त परिवार को 25 हजार रुपये की फौरी राहत दी है। शेष 3.75 लाख रुपये पत्रावली पूरी होने के बाद मृतकाश्रितों को दिए जाएंगे।