टनकपुर (चंपावत)। पूर्णागिरि मेले की शुरुआत की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। जिले की सीमा बनबसा से मां पूर्णागिरि धाम तक करीब चालीस किमी क्षेत्र में नौ मार्च से तीन माह तक मेले की चकाचौंध रहेगी। पड़ोसी देश नेपाल के सीमांत महेंद्रनगर और ब्रह्मदेव बाजार में भी श्रद्धालुओं की आवाजाही से रौनक रहेगी। प्रशासनिक अधिकारी मेले की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं तो व्यापारी भी दुकानें सजाने लगे हैं।
चार दिन बाद होली के अगले दिन से पूर्णागिरि धाम का सरकारी मेला शुरू हो जाएगा। इस मेले में चैत्र नवरात्र से अधिक संख्या में भक्त देवी मां के दर्शन करने आएंगे। तीन माह तक चलने वाले इस मेले की तैयारी पिछले माह शुरू हो गई थी लेकिन मेले के शुभारंभ की घड़ी नजदीक आते ही व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने की कवायद चल रही है।
मेले के लिए प्रशासन, जिला पंचायत, मंदिर समिति की संयुक्त मेला समिति बिजली, पथ प्रकाश, शौचालय, पेयजल, चिकित्सा, सुरक्षा आदि व्यवस्था कर रही है। मां पूर्णागिरि धाम के साथ ही शहर क्षेत्र में भी मेले की तैयारी जोरों पर है। स्थानीय कारोबारियों के साथ ही मेले के लिए बाहर से आए व्यापारी भी शहर मेला क्षेत्र, शारदा स्नानघाट, रेलवे स्टेशन, नेपाल मार्ग पर दुकानें सजाने में लगे हैं।
व्यवस्थाओं के लिए समीक्षा बैठक आज
टनकपुर (चंपावत)। एसडीएम सुंदर सिंह ने बताया कि मेले के लिए तय व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिला पंचायत और व्यवस्था से जुड़े विभागों को नौ मार्च से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मेले की व्यवस्थाओं से जुड़े विभागों और संस्थाओं के लोगों की सोमवार को शाम चार बजे बैठक बुलाई गई है। इसमें व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी। संवाद