आरोपी सहायक समाज कल्याण अधिकारी गोपाल सिंह राणा।
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अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत। बनबसा के देवभूमि विद्यापीठ में हुए लाखों रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले के तीसरे आरोपी पाटी के सहायक समाज कल्याण अधिकारी जीएस राणा को एसआईटी (विशेष जांच दल) ने बृहस्पतिवार को पूछताछ के बाद दबोच लिया। दस दिन पूर्व दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। एसपी लोकेश्वर सिंह ने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद लोहाघाट जेल भेज दिया गया है। 39.52 लाख रुपये के घोटाले के आरोप में पिछले साल 15 दिसंबर को सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
एसआईटी प्रभारी टनकपुर के कोतवाल धीरेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी सहायक समाज कल्याण अधिकारी गोपाल सिंह राणा पुत्र शिवचरण सिंह राणा निवासी ग्राम गौरीखेड़ा, थाना सितारगंज जिला ऊधमसिंह नगर से पहले पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद गबन में आरोपी की भूमिका की संलिप्तता के तथ्य मिलने पर गिरफ्तार कर लिया गया। जांच टीम का कहना है कि आरोपी राणा पर कॉलेज व छात्र-छात्राओं के सत्यापन में खामी के अलावा कई धांधली की तस्दीक हुई है।
इससे पूर्व विद्यापीठ के लिए बिचौलिए का काम करने वाले खटीमा के दो आरोपी (मुकेश कुमार पुत्र प्यारे लाल व प्रदीप कुमार पुत्र नखेगासन प्रसाद) को 27 जुलाई को उनके घरों से दबोचा। आरोपी मुकेश दीया चांदपुर का ग्राम प्रधान और प्रदीप कुमार युवक कांग्रेस का विधानसभा क्षेत्र खटीमा का अध्यक्ष है। ये दोनों आरोपी इस वक्त जेल में हैं।
देवभूमि विद्यापीठ नाम की गैर मान्यता प्राप्त संस्था पर 2015-16 में 221 एससी और 140 एसटी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति के नाम पर 39.52 लाख रुपये के फर्जीवाड़े का आरोप है। पुलिस जांच में इस बात की तस्दीक हुई थी कि समाज कल्याण विभाग से मिली ये रकम छात्र-छात्राओं तक नहीं पहुंची। बनबसा थाने में इन दो बिचौलियों के अलावा विद्यापीठ के चार संचालक चैरब जैन, अनिल गोयल, विवेक शर्मा, गौरव जैन (हरिद्वार जिला निवासी) और सहायक समाज कल्याण अधिकारी गोपाल सिंह राणा के खिलाफ आईपीसी की धारा 409, 420, 466, 467, 471 व 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। तीन लोगों को हरिद्वार की अदालत से स्टे मिला हुआ है, जबकि चौथा संचालक पहले से ही किसी मामले में हरिद्वार की जेल में है।