बनबसा / टनकपुर (चंपावत)। लंपी बीमारी को लेकर बनबसा के पशु चिकित्सालय सतर्क हैं। अब तक बनबसा में कोई भी पशु लंपी ग्रसित नही मिला है। यहां के पशुपालक भी अपने पशुओं को लेकर बेफिक्र हैं। बनबसा में लगातार टीकाकरण किया जा रहा।
बनबसा के पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. अमित ने बताया कि उनकी पूरी टीम की क्षेत्र में पैनी नजर है। डाॅ. अमित का कहना है कि पिछले वर्ष से क्षेत्र में पशुओं का टीकाकरण जारी है। इसो असर से ही यहां के पशु लंपी वायरस से दूर हैं। उन्होंने बताया कि बनबसा में इस वर्ष अब तक करीब 1500 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। इसके अलावा पशुपालकों को जागरूक भी किया जा रहा है। इसके विपरीत टनकपुर के पर्वतीय गांवों में करीब सवा सौ पशुओं में लंपी के लक्ष्ण पाए गए। उपचार के बाद अब सभी पशु रोग मुक्त हैं। टनकपुर के पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. विजय पाल सिंह के मुताबिक टनकपुर के सुदूरवर्ती चूका, बस्तिया, थ्वालखेड़ा, नायकगोठ में कुछ पशु लंपी वायरस से ग्रसित पाए गए। जो उपचार बाद अब स्वस्थ हैं। पशु चिकित्सकों ने बनबसा टनकपुर के पशुपालकों को जरा भी संदेह होने पर पशुओं का उपचार कराने को कहा है। संवाद
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84680 पशुओं का किया टीकाकरण
पिथौरागढ़। लंपी संक्रमण की रोकथाम के लिए नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के सात पशुधन प्रसार अधिकारी सीमांत जिले में पशुओं के टीकाकरण में जुट गए हैं। जिले में वर्तमान तक 84680 पशुओं का टीकाकरण कर लिया गया है।
मई प्रथम सप्ताह से ही पशुओं में लंपी स्किन बीमारी के लक्षण दिखने लग गए थे। इसके बाद पशुपालन विभाग की टीम बीमारी की रोकथाम के लिए सक्रिय हुई। उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पंकज जोशी ने बताया कि बाहर से आए पशुधन प्रसार अधिकारी नेपाल सीमा से लगे धारचूला, पीपली, नाचनी, अस्कोट, बलुवाकोट और मूनाकोट के गांवों में पशुओं को टीका लगा रहे हैं। गंगोलीहाट के नाली में अनिल सागर, एराड़ी में दीपशिखा भंडारी, नाचनी के घटघोरगारी में आरसी पांडे, चौरधुरौली में डॉ. नवीन आर्या ने पशुओं को टीके लगाए। संवाद