पिथौरागढ़ से पैदल चंपावत पहुंचे बहराइच के मजदूर।
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अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत। राजराम, रामकरण और छंगा दो दिन में पिथौरागढ़ से 75 किमी का फासला तय कर चंपावत पहुंचे। पसीने से तरबतर 24 घंटे से बगैर कुछ खाए इन मजदूरों ने इस सफर को पूरा किया। कुछ देर रूककर वे यहां से आगे बढ़े। चंपावत से बहराइच की दूरी भले ही 379 किमी है, लेकिन इन मजदूरों में हौसला खूब है। कहते हैं कि उनके पास अब न खाने के लिए कुछ बचा है और नहीं आगे जाने के लिए किराये की रकम है। वे पैदल ही आगे बढ़ेंगे। जहां तक होगा, आगे बढ़ेंगे और जहां थकेंगे, वहीं रूक जाएंगे। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के खड़ीचा गांव के रहने वाले तीनों मजदूरों की जेब खाली है। बताते हैं कि बुधवार की रात बाराकोट व लोहाघाट के बीच सड़क किनारे कटी। रास्ते में कुछ लोग मिले, लेकिन किसी ने कोई मदद नहीं की। बस इतना भर पूछा कि कहां से आ रहे हो और कहां जा रहे हो? थकेहारे ये मजदूर कहते हैं कि वे पिथौरागढ़ में मजदूरी करते थे। 22 मार्च को लॉकडाउन के बाद से काम छीन गया और जो भी रुपये थे, सब खाने में खर्च हो गए।
---:: प्रवासियों की आमद से क्वारंटीन हुए लोगों की तादाद 7810 पहुंची :: चंपावत/टनकपुर/बनबसा। दूसरे राज्यों से तेजी से प्रवासियों की आमद होने से क्वारंटीन लोगों की तादाद बढ़कर 7810 हो गई है। वैसे अब तक चंपावत जिले में कुल 2717 प्रवासी पहुंच चुके हैं। बृहस्पतिवार को मुख्य रूप से हरिद्वार, राजस्थान व दिल्ली से 211 लोग पहुंचे। डॉ. मनीष बिष्ट और डॉ. गिजेंद्र चौहान ने प्रवासी लोगों का परीक्षण किया। एसडीएम अनिल गर्ब्याल, तहसीलदार प्रियंका रानी, नायब तहसीलदार ज्योति धपवाल, कोतवाल धर्मवीर सोलंकी, राजस्व उप निरीक्षक शंकर वर्मा आदि ने प्रवासियों को टैक्सियों के जरिए गांवों को भेज क्वारंटीन कराया। इधर, बनबसा में बृहस्पतिवार को 15 लोगों के सैंपल लिए गए। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के डॉ. रोहित ग्रोवर, डॉ. हेमंत शर्मा, डॉ. मोहम्मद उमर, बाराकोट के डॉ. अमन अंसारी, डॉ. कपिल शर्मा, लैब तकनीशियन मोहित गड़कोटी ने सेंपल लेकर हल्द्वानी भिजवाए। स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम के प्रभारी गौरव पांडेय ने बताया कि इससे पूर्व हुई सभी 68 जाचों की रिपोर्ट निगेटिव आई है।