घरेलू हिंसा महिला संरक्षण अधिनियम की दो दिनी कार्यशाला संपन्न हो गई। कार्यशाला के दूसरे दिन रविवार को मुख्य अतिथि जिला शासकीय अधिवक्ता भाष्कर मुरारी ने कहा कि जागरूकता से महिला हिंसा पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को हिंसा के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। नामिक अधिवक्ता रमेश उप्रेती ने विधिक सेवा प्राधिकरण से मिलने वाली सहायता की जानकारी दी। जिला कार्यक्रम अधिकारी कामिनी गुप्ता ने कहा कि सामाजिक कुरीतियों को सकारात्मक सोच से खत्म किया जा सकता है। सुपरवाइजर गीता राजपूत और लक्ष्मी पंत के संचालन में हुए कार्यक्रम में संजय वर्मा, पुष्पा कोठारी, कमला मर्तोलिया, प्रभावती देवी, आशा जोशी, विमला बिष्ट आदि थे।