टनकपुर (चंपावत)। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कॉलेज प्रशासन ने अब छात्र-छात्राओं की भी बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करना शुरू कर दिया है। संस्थान के निदेशक डॉ. अमित अग्रवाल का कहना है कि इससे छात्र-छात्राओं में अनुशासन बना रहेगा।
सोमवार को कॉलेज की प्रगति की जानकारी देते हुए निदेशक डॉ. अग्रवाल ने बताया कि संस्थान में उच्चस्तरीय प्रयोगशालाएं और स्मार्ट कक्षाएं स्थापित की गई हैं। संस्थान राज्य का पहला ऐसा सरकारी कॉलेज है जहां औद्योगिक क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं के अनुरूप पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। एआईसीटीई (अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद) से मान्यता प्राप्त नवीनतम बीटेक पाठ्यक्रम जैसे कंप्यूटर इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबॉटिक्स एंड ऑटोमेशन आदि का सफल संचालन हो रहा है। अनुशासन बनाए रखने के लिए शिक्षक और कर्मचारियों के साथ छात्र-छात्राओं की बायोमैट्रिक उपस्थिति शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट में प्रौद्योगिकी संस्थानों को वीर माधो सिंह भंडारी प्रोद्यौगिकी विवि देहरादून के कैंपस संस्थान का दर्जा देने का प्रस्ताव पास किया है जिससे इस संस्थान के विकास को गति मिलने की उम्मीद जगी है। बताया कि इस वर्ष संस्थान में प्रवेश के लिए यूटीयू (उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय) के पोर्टल में सबसे ज्यादा आवेदन संस्थान को मिले हैं जो एक बड़ी उपलब्धि है।
तीन दिनी वार्षिक महोत्सव 15 मई से
टनकपुर। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि आगामी 15 मई से कॉलेज में तीन दिवसीय वार्षिक महोत्सव अग्नि 2023 का आयोजन होगा जिसकी तैयारी चल रही है। बताया कि महोत्सव के तहत छात्र-छात्राओं के मध्य खेल, तकनीकी और कला की विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।