चंपावत। जिले में विगत कुछ माह से लंपी वायरस से विभिन्न पशुपालकों के गोवंश में संक्रमण प्रकाश में आया है। जिसके कारण कई पशुपालकों की गोवंश की मृत्यु भी हुई है। जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। वर्तमान में लंपी वायरस से गोवंश की मृत्यु होने पर पशुपालकों को किसी प्रकार की आर्थिक सहायता का प्रावधान नहीं है। ऐसी स्थिति में प्रभावित पशुपालकों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता दिए जाने पर विचार किया जा सकता है। इसलिए जिले में इस प्रकार के प्रकरणों की जांच की जानी आवश्यक है। जिसके लिए डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने तहसील स्तर पर समिति का गठन किया गया है। जिसमें चंपावत, लोहाघाट, पाटी व पूर्णागिरि में सबंधित क्षेत्र के एसडीएम अध्यक्ष, पशु चिकित्सा अधिकारी सदस्य सचिव, क्षेत्रीय प्रसार अधिकारी पशुपालन सदस्य होंगे। डीएम ने गठित समिति को मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। संवाद