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Champawat News: चामी चौमेल में पांच दिनी आषाड़ी महोत्सव शुरू

Sun, 27 Aug 2023 10:21 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
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लोहाघाट के गुमदेश क्षेत्र में गौरा गायन करती महिलाएं। संवाद
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लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट ब्लाॅक के चामी चौमेल में पांच दिनी आषाड़ी महोत्सव शुरू हो गया है। शुभारंभ के मौके पर महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सज-धज कर कलशयात्रा निकाली।
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मुख्य अतिथि गीतांजलि सेवा समिति के अध्यक्ष सतीश पांडेय, विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत सदस्य सुरेंद्र सामंत ने महोत्सव का उद्घाटन किया। गांव के देवीथान मंदिर में पुरोहितों ने सुबह पूजा कराई। दोपहर बाद विभिन्न विद्यालयों के स्कूली बच्चों ने कुमाऊंनी, गढ़वाली सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुति दी। महोत्सव के दौरान विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिता का भी शुभारंभ किया गया। महोत्सव समिति के अध्यक्ष अशोक महर ने अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान समिति के प्रकाश सिंह महर, महेश पाठक, अमर सिंह, नारायण सिंह, पुष्कर सिंह, लक्ष्मण सिंह, रमेश सिंह, संजय पाठक, भवान सिंह महर, देव सिंह आदि मौजूद रहे।

गुमदेश क्षेत्र के कई गांवों में मची है गौरा महोत्सव की धूम
लोहाघाट (चंपावत)। नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में गौरा महोत्सव की धूम मची है। महिला, पुरुषों की कई टोलियां गौरा गीतों के गायन में रमे हैं।
लोहाघाट नगर सहित फोर्ती, गुमदेश क्षेत्र के चमदेवल जाख जिंडी, लुपड़ा, नरसों, सुनकुरी, निडिल, बाराकोट, नौमाना, भरछाना आदि स्थानों पर देर रात तक गौरा का गायन किया जा रहा है। जिंडी गांव के महोत्सव में समिति के अध्यक्ष पं. मदन कलौनी के नेतृत्व में महाभारत कालीन गौरा गीतों का गायन हुआ। इसमें पुरुषों ने कौरव ले चलि हालि चाल, लाख को महल बनायो एसो घर पांडव दियो, लाख का महल बेचि गया पांडव ले बना हालि जोगी को वेष, ल्याओ-ल्याओ बेटियो हो धतुरी फूल, फूल न हो तो पाती तोड़ लाओ आदि गीतों का गायन किया गया। महिलाओं ने गौरा देवी की मूर्ति के चारों ओर घूमते हुए मांगलिक गीत, झोड़े, चांचरी गायन किया। इनमें पुष्पा कलौनी, हेमा देवी, रीता देवी, गोविंदी देवी, कमला देवी, भगत राम, कल्यान चंद, गोपाल राम, प्रेम चंद, ललित चंद आदि रहे।
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