सतीश जोशी सत्तू
चंपावत। पर्यटन विभाग की ओर से खेतीखान में स्थित ऐतिहासिक सूर्य मंदिर के नवनिर्माण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। 11वीं शताब्दी में कत्यूरी शासकों की ओर से खेतीखान क्षेत्र के गोशनी में निर्मित किए गए सूर्य मंदिर को संवारने का कार्य राजस्थान से आए कारीगर कर रहे हैं।
विभाग की ओर से ऐतिहासिक सूर्य मंदिर के पुरातन ढांचे को यथावत रखते हुए जिला योजना में 69 लाख रुपये से अधिक की लागत से नवनिर्माण के कार्य कराए जा रहे हैं। मंदिर के पुरातात्विक महत्व को बनाए रखने के लिए राजस्थान से बुलाए गए पत्थर की नक्काशी के विशेष कारीगरों की मदद ली जा रही है। जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ के अनुसार कार्यदायी संस्था कुमाऊं मंडल विकास निगम की ओर से सूर्य मंदिर के नवनिर्माण का कार्य किया जा रहा है।
तीन माह में पत्थर की नक्काशी का प्रथम चरण का कार्य हुआ पूरा
चंपावत। राजस्थानी कारीगरों की टीम ने बीते तीन माह में पत्थर की नक्काशी कर मंदिर के नवनिर्माण का प्रथम चरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। राजस्थान से आए कारीगर रामदास लोहारे, मुन्ना लाल, भीकम सिंह, पवन और धीरज आदि की टीम सूर्य मंदिर और आसपास के परिसर को संवारने में जुटी है। संवाद
धार्मिक स्थलों के रूप में लोकप्रिय रहा है खेतीखान क्षेत्र
चंपावत। जिले का खेतीखान क्षेत्र आजादी की लड़ाई और उससे पूर्व से ही ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के रूप में काफी लोकप्रिय रहा है। इतिहासकार देवेंद्र ओली के अनुसार चंद शासकों से पूर्व कत्यूरी शासकों ने खेतीखान में सूर्य मंदिर का निर्माण किया गया था। वर्तमान में परंपरागत मंदिर शैली में बनाए गए सूर्य मंदिर के स्वरूप को यथावत रखने से निश्चित तौर पर क्षेत्र मेंं पर्यटन गतिविधियों का इजाफा होगा। संवाद