चंपावत के पल्सों क्षेत्र में ऐतिहासिक बिरखम धरोहर का होगा संरक्षण। संवाद
चंपावत। कला और संस्कृति विभाग की ओर से जिले के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के सांस्कृतिक धरोहरों को संवारा जाएगा। इसके लिए विभाग ने 39 लाख रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की है। चंपावत जिले में सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन योजना के तहत पहल शुरू की गई है।
प्रभारी अधिकारी कला और संस्कृति विभाग अरविंद गौड़ ने बताया कि जिला योजना में चंपावत विकासखंड के फूंगर स्थित पुरातन समाधि स्थल पर तीन लाख रुपये से चहारदीवारी निर्माण होगा। पांच लाख रुपये से नागनौला का संरक्षण और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पंचायतन शैली में बने शिव मंदिर चैकुनी बोरा तक पहुंच मार्ग और अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए जिला योजना से दस लाख रुपये के सापेक्ष पहले चरण में पांच लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा चार लाख रुपये से हिंगलादेवी स्थित बारखाम स्मारक का संरक्षण और चहारदीवारी का निर्माण किया जाएगा।
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मऊ स्थित कत्यूरी सूर्य मंदिर का होगा सौंदर्यीकरण
चंपावत। सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के तहत बाराकोट विकासखंड के ग्राम पंचायत मऊ स्थित ऐतिहासिक कत्यूरी सूर्य मंदिर में चार लाख रुपये से सौंदर्यीकरण कार्य किए जाएंगे। लोहाघाट के सीमांत मझपीपल ग्राम पंचायत में चंद शासकों की ओर से बनाए गए शिव मंदिर में जिला योजना से दस लाख रुपये से सौंदर्यीकरण कार्य किया जाएगा। संवाद
कोट
जिला योजना में सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए कला और संस्कृति विभाग को 39 लाख के सापेक्ष पहले चरण में 29 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। कार्यदायी संस्था तय करने के साथ निविदा प्रक्रिया गतिमान है।
अरविंद गौड़, प्रभारी अधिकारी, कला एवं संस्कृति विभाग, चंपावत।