लोहाघाट (चंपावत)। क्षेत्र में जानवरों में लंपी रोग थमने का नाम नहीं ले रहा है। तेजी से फैल रहे लंपी रोग की चपेट में आने से लगातार जानवरों की मौत हो रही है। क्षेत्र में करीब पांच दर्जन से अधिक दुधारु जानवरों की मौत हो चुकी है। कई जानवर अभी भी बीमार पड़े हुए हैं।
लगातार दुधारु जानवरों की मौत से दुुग्ध उत्पादन भी कम हो गया है। शनिवार को नगर से लगे रायनगर चौड़ी गांव में लंपी रोग की चपेट में आने से गांव के नवल किशोर जोशी की उन्नत नस्ल की गाय की भी मौत हो गई है। गांव में अभी तक 15 उन्नतशील गायों की मौत हो चुकी है। सुंई गांव में पांच, फोर्ती में आठ दुधारु गायों की मौत हो चुकी है।
कोलीढेक, खूना, बिशुंग, कलीगांव, गुमदेश, रौंसाल आदि क्षेत्रों में भी पशुओं में लंपी के लक्षण पाए गए हैंं। क्षेत्रीय लोगों ने लंपी रोग को दैवीय आपदा मानते हुए सरकार से पीड़ित पशुपालकों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। इधर, पशु चिकित्सक डॉ. डीके चंद ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों और अस्पताल में बीमार गायों का इलाज किया जा रहा है। पशुपालन विभाग की टीम ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं का टीकाकरण कर रही है।
चंपावत में 60 प्रतिशत मवेशियों का टीकाकरण हुआ
चंपावत। लंपी वायरस पर लगाम कसने के लिए टीकाकरण पर जोर दिया जा रहा है। सीवीओ डॉ. पीएस भंडारी का कहना है कि रोगमुक्त गांवों के मवेशियों का टीकाकरण किया जा रहा है। जिले की 98285 दुधारु मवेशियों में से 60 प्रतिशत से अधिक को टीके लगाए जा चुके हैं। नौ जून तक 60161 मवेशियों को टीके लगाए गए हैं। टीका लगाने के लिए पशुपालन विभाग के 15 दल बनाए गए हैं। मवेशियों के इलाज में स्टाफ की कमी से दिक्कत आ रही है। 23 में से 11 पशु सेवा केंद्रों में पशु प्रसार अधिकारी नहीं हैं। पशुपालन विभाग के मुताबिक लंपी वायरस से अब तक 131 मवेशियों की मौत हो गई है। संवाद
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पय्यापौड़ी में दुधारु गाय की बीमारी से मौत
धारचूला (पिथौरागढ़)। बलुवाकोट क्षेत्र के पय्यापौड़ी में दुधारु गाय की मौत से पशुपालक अंबिका देवी मायूस हैं। उन्होंने तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंप पशुपालन विभाग के कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। तहसीलदार ने पटवारी और पशु चिकित्सक को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। पय्यापौड़ी से 30 किमी दूर धारचूला पहुंचे पशुपालक महिला के पति क्षेत्र पंचायत सदस्य पुष्कर राम ने बताया कि एक हफ्ते से पशुपालन विभाग के कर्मचारी और 1962 में गाय के बीमार होने की सूचना दी जा रही थी। इसके बावजूद विभाग का कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। उपचार नहीं मलने से गाय ने बृहस्पतिवार को दम तोड़ दिया। इससे उन्हें 30 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने तहसीलदार एके सिंह को ज्ञापन सौंप लापरवाह कर्मचारी के खिलाफ जांच करने और मुआवजा दिलाने की मांग की है। संवाद
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लंपी वायरस को लेकर सरकार गंभीर नहीं
पिथौरागढ़। सभासद भावना नगरकोटी ने कहा कि सरकार लंपी वायरस को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के लिए अधिक से अधिक टीमें लगाए जानी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। लंपी वायरस से ग्रसित पशुओं को अलग रखा जाना चाहिए पर अभी तक ऐसा नहीं किया है। ऐसे में इस बीमारी को खत्म होने में समय लगेगा। संवाद