चंपावत/लोहाघाट (चंपावत)। चंपावत जिले के तीन अलग-अलग क्षेत्रों में कुल तीन जानवरों की मौत हुई है। इसके अलावा 11 मवेशियों की तबियत बिगड़ी है। ग्रामीणों ने लक्षण के आधार पर मवेशियों की मौत लंपी वायरस से होने का अंदेशा जताया है।
चंपावत जिले के बड़ोली गांव में जय दत्त की एक बकरी, भिंगराड़ा में महेश सिंह महराना की दुधारू गाय और लोहाघाट के रायनगर चौड़ी में हेमा देवी की गाय की मौत हो गई है। इसके अलावा क्षेत्र में 11 मवेशी बीमार भी हैं। इन मवेशियों के शरीर पर सूजन और बड़े दाने हैं। तल्लादेश, लधिया घाटी, चंपावत, लोहाघाट, पाटी आदि क्षेत्रों के ग्रामीणों ने शिविर लगाकर मवेशियों का इलाज करने की मांग की। उनका कहना है कि खेती के साथ दुधारू पशुपालकों के आमदनी के महत्वपूर्ण स्रोत हैं। ग्रामीणों ने आर्थिक सहायता देेने, बीमारी की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक चंपावत जिले में अब तक सात मवेशियों की मौत हो चुकी है। विभाग नियमित रूप से शिविर लगा इलाज करने के साथ ग्रामीणों को जागरूक कर रहा है। एक सप्ताह में 633 पशुओं का इलाज किया जा चुका है।
डॉ. पीएस भंडारी, सीवीओ, चंपावत।
पाटी ब्लॉक में 31 मवेशियों का इलाज
पाटी (चंपावत)। पाटी ब्लॉक के गागर गांव में पशुपालन विभाग के शिविर में 31 मवेशियों का इलाज किया गया। परमानंद उपाध्याय, केशव दत्त, पीतांबर, सरस्वती, नवीन, आनंद बल्लभ, दुर्गादत्त आदि ने मवेशियों की परेशानी बताई। डॉ. राहुल सती ने बताया कि गाय और बैलों के शरीर पर सूजन, चकते के लक्षण पाए गए। पशुपालकों को दवा बांटने के साथ ही रोग से बचाव के उपाय भी बताए गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम में डॉ. श्याम सुंदर, कमल आदि मौजूद थे। लोहाघाट के पशु चिकित्साधिकारी डीके चंद ने पशुओं की तबियत बिगड़ने पर पशुपालन विभाग को जानकारी देने की अपील की है।
लंपी वायरस की जांच के लिए सेंपल भेजे
चंपावत। लंपी वायरस का पता लगाने के लिए बीमार मवेशियों के छह नमूने भेजे जाएंगे। सीवीओ डॉ. पीएस भंडारी ने बताया कि रीठा साहिब, मछियाड़, सूखीढांग से ये नमूने लिए गए हैं। इन नमूनों को मुक्तेश्वर भेजा जा रहा है। इस रिपोर्ट के बाद लंपी वायरस होने या नहीं होने की पुष्टि हो सकेगी।
रिंग टीकाकरण करा रहा है विभाग
चंपावत। पशुपालन विभाग रिंग टीकाकरण करा रहा है। ये टीकाकरण स्वस्थ पशुओं को लगाया जाएगा। जिन गांवों में लंपी जैसे लक्षण दिख रहे है, वहां टीका नहीं लगेगा। ऐसे संक्रमित गांवों से तीन किलोमीटर की परिधि दूर के क्षेत्रों के मवेशियों को टीका लगाया जाएगा। इस अवधि में ऐसे पशुओं को पूरी तरह अलग रखा जाएगा। सीवीओ डॉ. पीएस भंडारी ने बताया कि 26 हजार पशुओं को टीका लगाया जा चुका है। 40 हजार और खुराक जिले को मिल चुकी है।