लोहाघाट में लंपी रोग की चपेट में आई गाय का उपचार करते पशु चिकित्सक।
- फोटो : लोहाघाट में लंपी रोग की चपेट में आई गाय का उपचार करते पशु चिकित्सक।
लोहाघाट (चंपावत)। क्षेत्र में पशुओं में लंपी रोग के लक्षण मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। नगर के आसपास के गांवों में लंपी रोग के लक्षण मिलने से अभी तक 13 दुधारू गायों की मौत होने की पुष्टि हो चुकी है जबकि कई गायें मरणासन्न स्थिति में हैं।
पशुपालन विभाग स्थिति पर नियंत्रण पाने में जुटा हुआ है। इसके बावजूद दुधारू पशुओं की मौत के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा वारदात में शहर से लगे रायनगर चौड़ी गांव में दीपक राय और राजेंद्र कापड़ी की उन्नत नस्ल की दो दुधारू गायों में लंपी के लक्षण मिले। गायों की मौत हो गई है। गांव में अब तक कुल पांच दुधारू गायों की मौत हो चुकी है जबकि करीब 10 गायें अभी भी बीमार हैं।
ग्राम प्रधान जितेंद्र राय ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर लंपी रोग को दैवीय आपदा मानते हुए पीड़ित पशुपालकों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। कोलीढेक, खूना, बिशुंग, कलीगांव, गुमदेश, रौंसाल आदि क्षेत्रों में भी पशुओं में लंपी के लक्षण पाए गए हैंं। पशु चिकित्सक डॉ. डीके चंद, फार्मासिस्ट डॉ. जनक चंद ने बताया कि नगर से लगे कोलीढेक में पांच, रायनगर चौड़ी में पांच, बंदेलाढेक, कलीगांव, खूना में एक-एक दुधारू गाय की मौत की सूचना अस्पताल में मिली हैं। उन्होंने बताया कि स्वदेशी गायों में इस रोग का असर कम है जबकि उन्नत नस्ल की गायों में रोग का असर काफी है। इससे पशुओं के ठीक होने में बहुत समय लग रहा है। डॉ. चंद ने बताया कि लगातार ग्रामीण क्षेत्रों और अस्पताल में बीमार गायों का इलाज किया जा रहा है।