आंगनबाड़ी वर्कर्स संगठन ने बाल विकास परियोजना में हुई कटौती वापस नहीं लेने के विरोध में शुक्रवार को जिला मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया और मोटर स्टेशन रोड से छह किलोमीटर दूर कलक्ट्रेट तक जुलूस निकाला गया। कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजा गया।
आंगनबाड़ी कर्मचारी संगठन जिलाध्यक्ष लीला महर, विमला पनेरू, ब्लॉक अध्यक्ष दीपा पांडेय के नेतृत्व में हुए जुलूस-प्रदर्शन में आंगनबाड़ी वर्कर्स का कहना था कि एकीकृत बाल विकास सेवा योजना (आईसीडीएस) के बजट में की गई कटौती वापस लेने का आश्वास संगठन के प्रतिनिधिमंडल को फरवरी में केंद्रीय वित्त मंत्री ने दिया था, मगर बजट आवंटन को नहीं बढ़ाया गया। वर्कर्स ने इस मद के बजट को बढ़ाकर 16,120 करोड़ से 26 हजार करोड़ करने की मांग की है। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को क्रमश: ग्रेड-3 और ग्रेड-4 के कर्मी के रूप में नियमित करने, न्यूनतम वेतन 15 हजार रुपये करने, सामाजिक सुरक्षा आदि देने की मांग की। विरोध-प्रदर्शन में लीलावती जोशी, ममता बोहरा, हेमा फुलारा, हेमा थ्वाल, प्रेमलता बोहरा, शशि प्रभा, आशा खाती, बीना पांडेय, तुलसी सेठी सहित जिले की तमाम आंगनबाड़ी वर्कर्स शामिल थीं।
टनकपुर में एक्टू से संबद्ध उत्तराखंड आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन ने शुक्रवार को तहसील में राष्ट्रपति को चार सूत्री मांगों का ज्ञापन भेजा। साथ ही मांगों को पूरा नहीं करने पर व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी है। ज्ञापन देने वालों में सरोज मौनी, नीरू बिष्ट, गोविंदी पंत, गोविंदी मेहता, शाहना, नीता खर्कवाल, जानकी जोशी, साधना, कमलेश देवी, चंद्रा तड़ागी, लीला बिष्ट, पुष्पा चंद, गीता देवी, रजनी, देवकी सामंत आदि शामिल थीं।