चंपावत। इलाज के लिए दूसरे अस्पताल जाने वाले रीठा साहिब के लोगों को बुधवार से राहत मिल गई है। पूरे 76 दिन बाद रीठा साहिब अस्पताल की 108 एंबुलेंस सेवा सुचारू हो गई है। इससे लधिया क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों को राहत मिलेगी। इसी के साथ चंपावत जिले की एंबुलेंस सेवा पटरी पर आ गई है। दो महीने बाद लधिया घाटी की एंबुलेंस सेवा बहाल हो गई है। जिले की दस में से नौ 108 एंबुलेंस काम करने लगी हैं। अब जिले में एकमात्र बाराकोट की एंबुलेंस का आना बाकी है।
रीठा साहिब की एंबुलेंस सेवा आठ दिसंबर 2022 से बंद थी। यह सेवा 22 फरवरी को सुचारू हुई है। एंबुलेंस के चालक त्रिभुवन कोहली इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन संजय कुमार के साथ एंबुलेंस को यहां लाने पर लोगों ने खुशी जताई। पूर्व बीडीसी सदस्य नवीन चंद्र शर्मा, प्रमोद सिंह बोरा, रघुवर सिंह, राजेंद्र सिंह, लक्ष्मण मेहता, भगवान राम, रमेश सिंह आदि का कहना है कि सेवा सुचारू होने से क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों को आकस्मिक सेवा के लिए एंबुलेंस मिल सकेगी।
रीठा साहिब की एंबुलेंस सेवा सुचारू कर दी गई है। अब चंपावत जिले की 10 में से नौ एंबुलेंस सेवा संचालित है। बाराकोट की एंबुलेंस दो दिन में पहुंच जाएगी। - कमल शर्मा, जिला प्रभारी, एंबुलेंस सेवा, चंपावत।
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