चंपावत। भारत रत्न संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर जिले का पहला भवन चंपावत में बनेगा। तीन मंजिल वाले इस भवन के लिए जमीन की तलाश पूरी कर ली गई है।
यह भवन आंबेडकर कॉलोनी में बनाया जाएगा। जिला समाज कल्याण अधिकारी आरएस सामंत ने बताया कि भवन के लिए तीन नाली जमीन चिह्नित की गई है। कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग का लोहाघाट खंड इसे बनाएगा। भवन का नक्शा और डीपीआर तैयार की जा रही है। तीन मंजिल भवन की पहली मंजिल पर डॉ. बीआर आंबेडकर की प्रतिमा लगेगी। इसी मंजिल में शिल्पियों के लिए दुकानें भी बनाई जाएंगी जबकि दूसरी मंजिल में बैठक कक्ष और तीसरी मंजिल में आंबेडकर भवन का कार्यालय बनेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले साल दो सितंबर को आंबेडकर भवन बनाने की घोषणा की थी।
आंबेडकर बहुल नरसिंहडांडा गांव को अब भी है आदर्श का इंतजार
चंपावत। आंबेडकर जयंती पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अनुसूचित जाति बहुल गांव हरिपुर नरसिंहडांडा का दौरा करेंगे। क्षेत्र के लोगों को इस दौरे से काफी उम्मीदें हैं। फिलहाल गांव में सरकारी अस्पताल और जीआईसी नहीं है।
चंपावत से 18 किमी दूर एससी बहुल नरसिंहडांडा गांव को आदर्श गांव बनाने के लिए प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएमएजीवाई) से जोड़ा गया था। योजना लागू कर बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया। इसके लिए पिछले दो साल में गांव में बाइस लाख रुपये खर्च किए गए। नरसिंह डांडा में 500 मीटर सीसी, हाईड्रम योजना से मुख्य सड़क तक सीसी मार्ग, सोलर स्ट्रीट लाइट और हैंडपंप लगे। गांव में पशु अस्पताल और राजकीय हाईस्कूल है लेकिन 833 की आबादी वाले 235 परिवारों के इलाज और हाईस्कूल से आगे की पढ़ाई के लिए छह किमी दूर खेतीखान जाना पड़ता है।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तहत एससी बहुल गांवों को विकास से जोड़ने के लिए शुरू की गई इस योजना में वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर 500 या उससे अधिक आबादी वाले गांव शामिल किए गए हैं। इन गांवों में एससी आबादी 50 प्रतिशत से अधिक होना जरूरी है। इस योजना में नरसिंहडांडा के अलावा फागपुर, बंडातिवारी, मडुवा और मौनकांडा गांव भी शामिल हैं।
पीएमएजीवाई के तहत चयनित पांचों गांवों में विकास के कई काम कराए जा चुके हैं। इसका उपयोग गांवों के विकास और बुनियादी जरूरतों के लिए किया जाएगा। इस राशि से तय कार्ययोजना के अनुरूप काम कराने के निर्देश दिए गए हैं। - आरएस सामंत, जिला समाज कल्याण अधिकारी, चंपावत।
ग्यारह साल बाद खाने की राशि 69 से बढ़कर 150 रुपये हुई
चंपावत। लोहाघाट के डॉ. भीमराव आंबेडकर छात्रावास के छात्रों की लंबी मांग पूरी हो गई है। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित इस छात्रावास में खाने की दर प्रति छात्र 69 रुपये से 117 प्रतिशत बढ़कर 150 रुपये हो गई है। बढ़ी दर का लाभ मार्च से मिलने लगा है।
छात्रावास के अधीक्षक एमडी भट्ट का कहना है कि इसका लाभ 48 छात्रों को मिल रहा है। समाज कल्याण विभाग हर जिले में एससी जाति के छात्रों के लिए आंबेडकर छात्रावास का संचालन करता है। इन छात्रावासों में निशुल्क भोजन की व्यवस्था है। समाज कल्याण विभाग के छात्रावासों के छात्रों को 2012 से रोजाना मात्र 69 रुपये प्रति छात्र खाने के लिए दिए जा रहे थे। खाने की कम दर के विरोध में लोहाघाट के छात्रों ने पिछले साल जोरदार आंदोलन किया था।
अंबेडकर गांव नरसिंहडांडा गांव में बना सीसी मार्ग। संवाद