चंपावत-धामीसौन-खेतीखान सड़क का हिस्सा। संवाद
चंपावत। चंपावत से ढकना-मौरलेख-मल्ला धामीसौन होते हुए खेतीखान (सीडीके) सड़क फंस गई है। एक साल पहले मंंजूर होने के बाद समरेखण को लेकर कुछ आपत्तियों से यह सड़क लटक गई है। विवाद की वजह से न केवल काम में देरी हो रही है बल्कि इस एक सड़क से होने वाले लाभ लटक गए हैं।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी काली कुमाऊं के शेर पंडित हर्षदेव ओली से ताल्लुक रखने वाले खेतीखान के लिए चंपावत से कुछ गांवों के बीच से 17 किलोमीटर सड़क बननी थी। सीडीके सड़क के लिए राज्य योजना से पिछले साल 1.59 करोड़ रुपये स्वीकृत भी हुए थे। सर्वेक्षण के बाद समरेखण प्रस्ताव का अनुमोदन भी हो चुका था लेकिन खर्क के पास किलोमीटर 13 और 14 में समरेखण को लेकर कुछ ग्रामीणों की आपत्तियों से मामला लटक गया है।
एक सड़क से हैं कई लाभ
चंपावत। चंपावत से खेतीखान पहुंचने के लिए इस वक्त दो सड़कें हैं। ललुवापानी होते हुए 31 किमी और लोहाघाट होते हुए 29 किमी दूरी है। इस नई सड़क के बनने से फासला महज 17 किमी रह जाएगा। यह सड़क दूरी को घटाने के साथ ही ऐतिहासिक एकहथिया नौला, चंडालकोट के किले तक सैलानियों की पहुंच भी आसान करेगा। साथ ही तीन (बेलटाक, धामीसौन, खलकंडिया) गांव भी सड़क से जुड़ेंगे। खेतीखान क्षेत्र के लोगों की जिला मुख्यालय तक पहुंच भी आसान हो जाएगी।
सीडीके सड़क के काम में समरेखण को लेकर कुछ जगह ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। इस आपत्ति को दूर करने के लिए एक दौर की वार्ता सफल नहीं रही। अब फिर से इसी माह विभाग ग्रामीणों से वार्ता कर समाधान का प्रयास करेगा। दूसरी जगह से सड़क ले जाने से कुछ क्षेत्रों के वंचित रहने का खतरा है। - एमसी पलड़िया, ईई, लोनिवि, चंपावत।