जिला अस्पताल चंपावत में फिजिशियन कक्ष के बाहर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
चंपावत। जिला अस्पताल में लोकसभा चुनाव के मतदान के एक दिन बाद मरीजों की भीड़ रही। शनिवार को जिला अस्पताल में फिजिशियन कक्ष के बारह मरीजों की लाइन लगी रही। इसमें बड़े से लेकर छोटे बच्चे भी इलाज के लिए लाइन में नजर आए। फिजिशियन डॉ. अजय कुमार ने बताया कि मौसम बदलने के चलते लोगों में बीमारी भी बढ़ने लगी है। इसमें खांसी, जुकाम, पेट दर्द, बुखार और सांस के मरीजों की संख्या अधिक रही।
उन्होंने बताया कि उन्होंने 120 से अधिक मरीजों का इलाज किया। दूसरे फिजिशियन डॉ. यश मोहन ने बताया कि उनके पास 100 से अधिक मरीज इलाज के लिए आए। उन्होंने बताया कि इस मौसम में उबला पानी, पौष्टिक आहार बेहद जरूरी है। बासी खाना बिल्कुल भी नहीं खाना चाहिए।
बाराकोट अस्पताल में इमरजेंसी में डॉक्टर नहीं मिलने पर भड़के जनप्रतिनिधि
लोहाघाट (चंपावत)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बाराकोट की बदहाली और दवाएं न मिलने पर जनप्रतिनिधियों ने गहरी नाराजगी जताई है। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
बाराकोट के ज्येष्ठ उप प्रमुख नंदा बल्लभ बगौली ने बताया कि शनिवार सुबह उल्टी-दस्त से पीड़ित एक महिला को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बाराकोट भर्ती करवाया गया। अस्पताल में इमरजेंसी में कोई भी डॉक्टर नहीं मिला और अस्पताल में ओआरएस तक नहीं मिल पाया। बमुश्किल से रात में एक नर्स उल्टी दस्त से पीड़ित महिला को देखकर चली गई। इसके बाद सुबह आठ बजे तक अस्पताल में न तो कोई डॉक्टर आया और नहीं कोई स्टाफ।
ज्येष्ठ प्रमुख ने आरोप लगाया कि दिन के समय अस्पताल बंद होने से पहले ही सभी स्टाफ अस्पताल से नदारद हो जाता है। हर रोज यह हालात है। बगौली ने कहा कि मामले को लेकर सीएमओ और डीएम से भी इसकी शिकायत की जाएगी। उन्होंने रात के समय नियमित इमरजेंसी देखने को डॉक्टर की तैनाती की मांग उठाई है। इधर, अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि वह बाराकोट के अलावा पाटी का भी कार्यभार देख रहे हैं। उन्होंने आरोपों को बेबुनियाद बताया।