लोहाघाट। नेपाल सीमा से जुड़े पुलहिंडोला कस्बे में हैंडपंप खराब होने के कारण यहां गंभीर पेयजल संकट पैदा हो गया है। क्षेत्र में लोगों के प्यास बुझाने का एकमात्र साधन हैंडपंप हैं। इस कस्बे के ऊंचाई में स्थित होने के कारण यहां ग्रेविटी पेयजल योजना का निर्माण किया जाना संभव नहीं है। वर्ष 2000 में यहां के लेागों की पेयजल समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने पहला हैंडपंप लगाया था। इसके बाद पांच और हैंडपंप लगाए गए, जिससे लोगों को काफी राहत मिली थी। इस समय सभी हैंडपंप खराब होने से चरनौला गधेरे में मनुष्य और मवेशी एक घाट से पानी पीने के लिए विवश हो गए हैं। विमला तिवारी, पुष्पा पाटनी, मीना भंडारी, विमला अधिकारी, विमला पंत, शोभा भंडारी आदि का कहना है कि पेयजल के अभाव के चलते उन्हें ढाई-तीन किमी दूर से पानी ढोने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उधर जलकल अभियंता पवन बिष्ट के अनुसार हैंडपंपों को चालू करने के लिए मैकेनिक को बुलाया गया है, दो-तीन दिन के भीतर व्यवस्था ठीक हो जाएगी।