फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Champawat News: जिले में दो माह में कम हो गए 20 प्रतिशत जल स्रोत

विज्ञापन
विज्ञापन
चंपावत। चंपावत जिले में पेयजल व्यवस्था पर औसतन रोजाना 1.23 लाख रुपये से अधिक खर्च हो रहा है। यह रकम भी सिर्फ जिला योजना मद से व्यय हो रही है। इसके बावजूद लोगों की प्यास गर्मी में तो छोड़िए, जाड़ों में भी नहीं बुझ रही है। अब भी बारिश और बर्फबारी न हुई, तो पेयजल संकट और गहराने का अंदेशा है।
विज्ञापन

जिले में रोजाना औसतन 178.67 लाख लीटर पानी की जरूरत है लेकिन नवंबर तक पानी 111.49 लाख लीटर (62.39 प्रतिशत) ही मिल रहा था। अब इसमें करीब 20 प्रतिशत की और कमी आ गई है। दो महीने में मिलने वाला पानी 86 लाख लीटर रोज के करीब है। जल स्रोतों से 20 फीसदी पानी की कमी होने से जल संस्थान की चिंता बढ़ गई है। विभाग डेढ़ महीने बाद शुरू होने वाली गर्मी में पेयजल की स्थिति को लेकर काफी चिंतित है। विभाग के पास इसके लिए कोई उपाय नहीं है। सिवाय टैंकरों और सड़क विहीन इलाकों में खच्चरों से पानी की आपूर्ति कराने के विकल्प के। जल संस्थान का दावा है कि गर्मियों में पानी के संकट से निपटने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के बाद बजट की मांग की जाएगी।
बारिश नहीं होने से पेयजल स्रोतों में जल स्तर में कमी आने लगी है। फिलहाल 20 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट हुई है। अगर चंपावत सहित जिले के पहाड़ी हिस्सों में बारिश और बर्फबारी नहीं हुई, तो समस्या गंभीर हो सकती है। इसके लिए टैंकरों और पिकअप से सड़क वाले क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

- विलाल युनूस, ईई, जल संस्थान, चंपावत।
विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल की तस्वीर (नवंबर 2022 के आंकड़े ):
नगर- मांग (लाख लीटर में)- पूर्ति
चंपावत नगर: 23.60- 18.00
लोहाघाट नगर: 20.70- 10.30
टनकपुर नगर: 49.10- 31.40
बनबसा नगर: 16.50- 10.20
चंपावत ब्लॉक: 26.14- 15.97
लोहाघाट ब्लॉक: 13.97- 8.44
बाराकोट ब्लॉक: 10.76- 6.42
पाटी ब्लॉक: 17.90- 10.76
कुल योग: 178.67- 111.49
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें