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गरीबों की पहुंच से दूर हो रही हैं फल और सब्जियां

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नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में सब्जियों के दामों में आए भारी उछाल के बाद अब यह गरीबों की पहुंच से दूर होते जा रहे हैं। टमाटर के दाम भी भारी उछाल आने से लोगों की रसोई से गायब होने लगा है। बताया गया कि इस बार भारी बारिश के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की फसलें खराब होने से बाजारों में ग्रामीणों की सब्जियां बहुत कम मात्रा में पहुंच रही हैं। इसके चलते सब्जियों के दामों में भारी उछाल आया है। लोहाघाट के रायनगर चौड़ी के प्रमुख किसान महेश चंद्र राय का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के चलते उनकी शिमला मिर्च, बैगन की खेती को काफी नुकसान पहुंचा है। बारिश के कारण पौधों के पत्ते पीले होकर गिर जा रहे हैं। इससे इसका असर उत्पादन पर पड़ रहा है। सब्जी विक्रेता महेश सुतेड़ी, इरशाद, अलीम भाई, ताहिर, महेश आदि का कहना है कि मैदानी क्षेत्रों से ही सब्जियां महंगी आ रही हैं, जबकि स्थानीय स्तर पर सब्जियों की आवक बहुत कम हो रही है।

चंपावत/लोहाघाट में सब्जियों के दाम
शिमला मिर्च - 80 रुपये किलो
टमाटर - 60-70 रुपये किलो
तोरई - 50 रुपये किलो
भिंडी - 40 रुपये किलो
पहाड़ी खीरा - 50 रुपये किलो
देशी खीरा - 40 रुपये किलो
बंदगोभी - 30 रुपये किलो
लौकी - 35 रुपये किलो
करेला - 50 रुपये किलो
प्याज - 20 रुपये किलो
पहाड़ी आलू - 15 रुपये किलो
देशी आलू - 10 रुपये किलो
मूला - 20 रुपये किलो
फ्रासबीन - 80 रुपये किलो
बैगन - 40 रुपये किलो
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