लोहाघाट (चंपावत)। आजादी के संघर्षों की गवाह रही जीवंती जोशी (104) निवासी खोलासुनार, विकासखंड बाराकोट का निधन हो गया है। सामाजिक कार्यों, सुख दुख में बढ़ चढ़कर भागीदारी करने वाली जीवंती आमा के निधन पर क्षेत्र में शोक की लहर है।
वह अपने पूर्व सैनिक पुत्र सतीश जोशी के निधन के बाद से सदमे में थीं। एक माह तक पुत्र शोक में रहने के बाद बृहस्पतिवार शाम को उनका निधन हो गया। जीवंती आमा का जन्म 1920 में हुआ था। वह स्वाधीनता की लड़ाई में अंग्रेजों के साथ स्थानीय लोगों के संघर्ष की गवाह थीं। आजादी के संघर्ष की कहानी वह युवा पीढ़ी को सुनाया करती थीं। लड़ीधुरा महोत्सव समिति के अध्यक्ष नगेंद्र जोशी ने बताया कि 104 वर्ष की उम्र में भी वह पूर्ण रूप से स्वस्थ थी। शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार रामेश्वर श्मशान घाट में किया गया। जहां उनके पुत्र गोविंद बल्लभ और हरीश चंद्र जोशी ने चिता को मुखाग्नि दी। उनके निधन पर विधायक खुशाल सिंह अधिकारी, जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति राय, ब्लाॅक प्रमुख विनीता फर्त्याल, जगदीश अधिकारी, हरीश लाल वर्मा, संजय वर्मा, गोविंद वर्मा आदि ने शोक संवेदना व्यक्त की है।