बेनीताल भूमि का प्रकरण लगातार गरमाता जा रहा है। यूकेडी नेता उमेश खंडूड़ी ने कहा कि यहां की जमीनों को बाहर के लोगों के हाथों में नहीं जाने देंगे, चाहे इसके लिए उनको जेल ही क्यों न जाना पड़े। कहा कि प्राकृतिक ताल किसी की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं हो सकती है। उन्होंने राज्य में सशक्त भू-कानून बनाने की मांग उठाई।
यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में यूकेडी नेता उमेश खंडूड़ी ने आरोप लगाया कि राजीव सरीन ने बेनीताल की प्राकृतिक वनस्पति को पूर्व में भारी क्षति पहुंचाई है जिससे वहां वर्षा जल कम हो गया। अब बेनीताल में निजी संपत्ति का बोर्ड लगाकर और मार्ग को खोदकर लोगों को वहां आने से रोकने की साजिश की जा रही है, लेकिन ऐसा होने नहीं होने दिया जाएगा। कहा कि बेनीताल में स्थित प्राकृतिक ताल को सुखाने की साजिश की जा रही है। ताल को सुखाने और उसमें पानी जमा न होने देने के लिए ताल के आसपास नालियां खोदी गई हैं। कहा कि उन पर कानूनी कार्रवाई से कोई फर्क नहीं पड़ता है, लेकिन बेनीताल को किसी के हाथों में नहीं जाने देंगे। इस मौके पर केएल शाह, भगत कुंवर, दिगंबर फर्सवाण, दीपक कुमेड़ी मौजूद थे।